
Mass festival will not be held on Guru Purnima day in bhilwara
भीलवाड़ा.
आचार्य रामदयाल महाराज के सानिध्य में रामद्वारा में रामधुनी, वाणीजी पाठ एवं संध्या आरती हो रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि रामचरण के 250 वर्ष बाद भी उनकी दुरदर्षिता के प्रमाण मिलते है। भक्तो को मानस अनुष्ठान, मानसिक साधना से भय एवं भ्रम से मुक्ति मिलती है। जिस प्रकार पानी की तंरगे पानी से अलग नही हो सकती उसी प्रकार भक्त भी प्रभु से अलग नही हो सकता। चातुर्मास व गुरूपुर्णिमा धार्मिक में श्रृद्धालु अपने गुरू के चरणों में श्रृद्धा अर्पित करने के लिए हजारो किलोमीटर से पहुच कर पुजन अर्चन करते है, लेकिन यह संयम की घडी है। इस दौरान प्रशासन के निर्देशों की पालना अनुसार धार्मिक स्थल नही खुल सकते है, धार्मिक आयोजन एवं समारोह करना सम्भव नही है।
आचार्य रामदयाल ने कहा की कोरोना संक्रमण को देखते हुए जो जहां है जिस गांव व शहर में है वही से गुरूपुर्णिमा के दिन ब्रह्ममुहर्त में रामचरण के चरणों की पूजा करे। अपने संतो, गुरूजनों का वंदन करे। यह सब आत्मीयता के साथ स्वीकार किया जाएगा। भीलवाड़ा में भी किसी तरह का सामूहिक रूप से गुरूपुर्णिमा का आयोजन नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरूपुर्णिमा के अवसर पर रामद्वारा का मुख्य द्वार भक्त जनों के लिए खुला रहेगा,लेकिन मुख्य द्वार से अन्दर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। गुरूपुर्णिमा के अवसर पर सुबह 6 बजे रामध्वनी, 8 से 10 बजे तक तकनीक के माध्यम से सीधे प्रसारण होगा।
Published on:
04 Jul 2020 08:04 am
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