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खाकी-खादी की ‘छत्रछाया’ में पहाडियों का कत्लेआम: अभियान के बीच भी माफिया बेखौफ!

- जहाजपुर की पहाडि़यों पर दिन-रात गरज रही मशीनें - एसडीएम दफ्तर से महज 3 किमी दूर लुट रहा 'लाल सोना'; अफसर बोले- सूची का इंतजार है

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The massacre of the hill people under the 'umbrella' of khaki and khadi.

The massacre of the hill people under the 'umbrella' of khaki and khadi.

प्रदेश की भजनलाल सरकार ने 1 से 15 जनवरी तक अवैध खनन के खिलाफ प्रदेशव्यापी 'वॉर' छेड़ रखी है, लेकिन जहाजपुर उपखंड में यह अभियान केवल फाइलों और मीटिंगों तक सिमट कर रह गया है। उपखंड कार्यालय की नाक के नीचे पांचा का बाड़ा, लाला का बाड़ा और मुंडी भट्टा से लेकर धाधोला तक फैली अरावली की पहाड़ियों को छलनी किया जा रहा है। विडंबना देखिए कि उपखंड अधिकारी ने निर्देश दिए, बैठकें ली, लेकिन धरातल पर माफिया की पकड़ इतनी मजबूत है कि पुलिस और वन विभाग ने अपनी आंखें मूंद ली हैं।

दशहरा मैदान से धाधोला तक 'जंगलराज'

पहाडि़यों का सीना चीरकर निकाला जा रहा बेशकीमती लाल पत्थर अवैध रूप से क्रेशर प्लांटों तक पहुंच रहा है। बिना रॉयल्टी और बिना किसी डर के सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर दौड़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनिज विभाग के अधिकारी 'दौरे' के नाम पर जहाजपुर आते तो हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय 'खास मेहमानवाजी' कराकर चुपचाप लौट जाते हैं।

कागजों में 'शक्ति', धरातल पर 'भक्ति'

जिले में 29 दिसंबर से संयुक्त अभियान जारी है, लेकिन इन दिनों में माफिया ने एक भी दिन काम बंद नहीं किया। हर दिन लाखों रुपए की रॉयल्टी चोरी हो रही है। सरकार के खजाने में जाने वाला पैसा माफिया और सरकारी तंत्र की जेब में जा रहा है। अरावली शृंखला या छोटी पहाडियों को खत्म किया जा रहा है। इससे भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट पैदा होना तय है।

बड़ा सवाल: जब सब जानते हैं, तो रोकते क्यों नहीं

क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर वह कौन सी 'अदृश्य ताकत' है जिसके आगे प्रशासन बेबस है? दशहरा मैदान के पास अवैध पत्थरों की गिट्टी बनाई जा रही है और अवैध पर्चियां काटी जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन इसे 'लंबे समय से चल रही प्रक्रिया' बताकर पल्ला झाड़ रहा है।

हमें लिस्ट का इंतजार है

यहां लंबे समय से वैध व अवैध खनन हो रहा है। हमने खनिज विभाग से इसकी सूची मांगी है, जो अब तक नहीं मिली। दशहरा मैदान से धाधोला तक लाल पत्थर का वैध व अवैध खनन का काम चल रहा है। कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।

- राजकेश मीणा, उपखंड अधिकारी, जहाजपुर

पत्रिका व्यू: रस्म अदायगी बंद हो, सख्त प्रहार हो

जब अवैध खनन की लोकेशन प्रशासन को पता है,क्रशर प्लांट की जानकारी है और रास्तों का मालूम है, तो फिर 'सूची' का इंतजार करना केवल समय बर्बाद करना और माफिया को मौका देना है। अरावली को बचाने के लिए कागजी बैठकों से बाहर निकलकर मशीनों को जब्त करना होगा और रसूखदारों पर शिकंजा कसना होगा। हालांकि राजनीतिक दबाव के चलते भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पा रहे है।