
Matter of entering colleges in bhilwara
भीलवाड़ा।
जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र के अभाव में शुक्रवार को सेमुमा गल्र्स कॉलेज से दर्जनों बेटियों को बिन दस्तावेज सत्यापन कराए कॉलेज से बैरंग लौटना पड़ा। एेसा प्रवेश प्रक्रिया में पुराने मूल व जाति प्रमाण पत्र को कॉलेज आयुक्तालय के अमान्य करने के चलते हुआ। ये छात्राएं बारिश के बीच भीगते हुए कॉलेज पहुंची थी ताकि प्रथम वर्ष में दाखिले की प्रकिया पूरी करा सके।
आसींद क्षेत्र से दस्तावेज सत्यापन को पहुंची ओबीसी वर्ग की छात्रा दुर्गा गुर्जर ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया में पुराने मूल व जाति प्रमाण पत्र अमान्य कर दिए। इसके बाद नए प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया, लेकिन तहसील कार्यालय से ओके नहीं हुआ। लिहाजा मूल व जाति प्रमाण पत्र उपखंड कार्यालय में वेरिफाई नहीं हो सका।
तहसील के कई चक्कर काट चुकी। आट्र्स की वरीयता सूची में नाम होने के कारण दस्तावेज सत्यापन कराने आई थी। कॉलेज प्रशासन ने प्रमाण पत्र की ऑनलाइन आवेदन की रसीद को मानने से इनकार कर दिया। उधर, सेमुमा गल्र्स व एमएलवी राजकीय कॉलेज समेत जिले की आठों सरकारी महाविद्यालयों में प्रथम वर्ग में दाखिला प्रक्रिया में 4 जुलाई तक दस्तावेज सत्यापन होंगे। गुरुवार से विद्यार्थी अपने दस्तावेज लेकर कॉलेज पहुंच रहे हैं।
इसके बाद 5 जुलाई तक फीस जमा होगी। इससे पहले 25 जून तक रजिस्ट्रेशन तथा 27तक रजिस्ट्रेशन करवाने वाले विद्यार्थियों के सत्यापन का काम किया गया। एमएलवी कॉलेज प्राचार्य बीएल मालवीय ने बताया, सोमवार को दस्तावेज सत्यापन के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के आने की संभावना है। इसे देखते आट्र्स के 3, विज्ञान व वाणिज्य के लिए मय एक-एक काउंटर लगाया है। सेमुमा गल्र्स कॉलेज में आटर््स के दो व विज्ञान-वाणिज्य संकाय के लिए एक-एक काउंटर लगाया गया।
प्रवेश के लिए सक्षम अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी मूल जाति प्रमाण पत्र चाहिए। अधिकतर छात्राएं ऑनलाइन किए आवेदन की रसीदें लेकर आ गई, जो कॉलेज आयुक्तालय से अमान्य है। इसलिए इन्हें बिना दस्तावेज सत्यापन के लौटा दिया गया।
डॉ. राधा सारस्वत, नोडल अधिकारी, सेमुमा गल्र्स कॉलेज।
Published on:
30 Jun 2018 01:57 pm
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