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मिड-डे-मील पर प्रशासन सख्त: 23 व 24 को स्कूलों में होगा सघन निरीक्षण, गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई

अनाधिकृत संस्थाओं से भोजन लिया तो संस्था प्रधान पर गिरेगी गाज

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Administration strict on mid-day meal: Intensive inspections will be conducted in schools on 23rd and 24th, action will be taken if irregularities are found.

मिड-डे-मील पर प्रशासन सख्त: 23 व 24 को स्कूलों में होगा सघन निरीक्षण, गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई

भीलवाड़ा जिले के राजकीय विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों में नौनिहालों को परोसे जा रहे मिड-डे-मील और पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की व्यवस्थाओं को जांचने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। पोषाहार की गुणवत्ता और संचालन की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू ने 23 और 24 अप्रेल को जिलेभर में सघन निरीक्षण के आदेश दिए हैं। कलक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता में कमी, खाद्यान्न में गबन, चोरी या कोई भी अनियमितता पाई गई तो दोषियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी उपखण्ड अधिकारियों और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देशों के अनुसार, यह जांच अभियान पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस नीति पर आधारित होगा।

निरीक्षण से जुड़ी मुख्य बातें

सुबह 7:30 बजे से स्कूलों में पहुंचेंगे अधिकारी: निरीक्षण टीमें दोनों दिन सुबह 7:30 बजे से ही अपना कार्य शुरू कर देंगी। टीमों के रवाना होने की सूचना प्रतिदिन एसएमएस के जरिए जयपुर उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।

शाम 6 बजे तक देनी होगी रिपोर्ट: निरीक्षणकर्ताओं को जांच के तुरंत बाद निर्धारित नवीन प्रारूप में अपनी रिपोर्ट उसी दिन शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से ईमेल और जिला शिक्षा अधिकारी को भेजनी होगी।

शहर में केवल अक्षय पात्र, गांवों में एसएमसी को ही जिम्मा: आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भीलवाड़ा शहरी क्षेत्र में मिड-डे-मील के लिए केवल अक्षय पात्र फाउंडेशन (केंद्रीकृत रसोईघर) ही अधिकृत है। इसके अलावा किसी भी एनजीओ, महिला स्वयं सहायता समूह या अन्नपूर्णा सहकारी समिति को भोजन वितरण का अधिकार नहीं है। शेष जिले में यह व्यवस्था केवल शाला प्रबंध समितियों के अधीन रहेगी। यदि किसी स्कूल ने अन्य स्रोत से भोजन लिया, तो संस्था प्रधान और मिड-डे-मील प्रभारी के खिलाफ सीधी कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

इन बिंदुओं पर रहेगी नजर

निरीक्षण के दौरान अधिकारी मुख्य रूप से खाद्यान्न शेष, रोकड़ पुस्तिका, भंडारण की व्यवस्था, दैनिक पोषाहार पंजिका और बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की बारीकी से जांच करेंगे। जिन पंचायत क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें छोड़कर शेष पंचायतों में ब्लॉक स्तरीय अधिकारी निरीक्षण करेंगे