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शाहपुरा के सीमांकन को लेकर विवाद : सरकार के मंत्री को दिखाए काले झंडे, पुलिस ने लाठियां बरसाकर लोगों को खदेड़ा, छह जने घायल

-नवगठित जिले के स्थापना समारोह स्थल के बाहर प्रदर्शनकारियों का हंगामा, मंत्री कार्यक्रम में पहुंचे तो लोगों ने किया हंगामा, सरकार व मंत्री के खिलाफ हुई जमकर नारेबाजी -शाहपुरा तीसरे दिन रहा बंद, शाहपुरा के लोग हुरड़ा व गुलाबपुरा को शाहपुरा में शामिल करने की कर रहे मांग, लेकिन हुरड़ा व गुलाबपुरा के लोग नहीं चाहते कि वे शाहपुरा में मिले

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शाहपुरा जिले के सीमांकन को लेकर विवाद : सरकार के मंत्री महेश जोशी को दिखाए काले झंडे, पुलिस ने लाठियां बरसाकर लोगों को खदेड़ा,  छह जने घायल

शाहपुरा जिले के सीमांकन को लेकर विवाद : सरकार के मंत्री महेश जोशी को दिखाए काले झंडे, पुलिस ने लाठियां बरसाकर लोगों को खदेड़ा, छह जने घायल

शाहपुरा. भीलवाड़ा.

नवगठित शाहपुरा जिले के स्थापना दिवस समारोह के बाहर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। प्रतापसिंह बारहठ महाविद्द्यालय परिसर में स्थापना दिवस की खुशियां मनाई जा रही थी तो बाहर विरोध चल रहा था। नवसृजित जिले के अनावरण कार्यक्रम में भाग लेने आए प्रभारी मंत्री को काले झंडे दिखाने पर लोगों और पुलिस में झड़प हुई। हंगामा कर रहे लोगों को पुलिस ने दौड़ाकर पीटा। इससे माहौल गरमा गया। छह प्रदर्शनकारी घायल हो गए। इनमें तीन को भीलवाड़ा भेजा। गुस्साए लोगों ने भीलवाड़ा मार्ग जाम कर दिया। शाहपुरा सोमवार को तीसरे दिन भी बंद रहा। सुबह से व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोली। लोग जलपान को तरस गए। लोगों में शाहपुरा विधायक कैलाश मेघवाल और राजस्व मंत्री रामलाल जाट के खिलाफ भी आक्रोश देखा गया।

असल में शाहपुरा जिले में हुरड़ा, गुलाबपुरा और मांडलगढ़ को शामिल नहीं करने से लोगों में रोष है। सीमांकन को गलत बताते तीन दिन से क्षेत्रवासी आंदोलन कर रहे हैं। तीसरे दिन भी बाजार नहीं खुले। स्थापना दिवस समारोह के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। शाहपुरा संघर्ष समिति एवं अभिभाषक संस्थान सहित आमजन त्रिमूर्ति चौराहे व जिला अस्पताल के सामने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। कार्यक्रम में भाग लेने आए मंत्री महेश जोशी के आते ही प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने काले झंडे दिखाए एवं मुख्य मार्ग को रोककर नारेबाजी करने लगे। लोग मंत्री को सीमांकन के बारे में जानकारी देना चाहते थे। पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने हो गए। लोगों के उग्र होते देेख पुलिस ने लाठियां भांजी। लोग मौके से भागे। अफरा-तफरी मच गई। भागमभाग में कई लोग गिर गए। पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाई। छह जने घायल हुए। सड़क किनारे बैठा अस्सी वर्षीय बुजुर्ग तक पर पुलिस ने लाठियां भांजी।

पुलिस ने लोगों को खदेड़ कर रास्ता खुलवाया-

लोगों ने अनिश्चितकालीन शाहपुरा बंद का आह्वान कर रखा है। उधर, पुलिस का कहना था कि प्रदर्शनकारियों के बीच के पत्थर आने के बाद पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधू व शाहपुरा एसपी आलोक श्रीवास्तव ने बाहर आकर मोर्चा संभाला। इससे पूर्व कॉलेज के बाहर भीलवाड़ा मार्ग पर लोगों ने जाम लगाया। इससे मार्ग बाधित होने पर भी पुलिस ने लोगों को खदेड़ कर रास्ता खुलवाया। लोगों में गुलाबपुरा-हुरड़ा को शाहपुरा जिले में नहीं जोड़ने तथा मांडलगढ़ और बिजौलियां को भीलवाड़ा जिले में शामिल करने का विरोध कर रहे है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया। लोगों ने प्रभारी मंत्री जोशी को ज्ञापन सौंपा। इस पर जोशी ने शाहपुरा की जनता की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। शाहपुरा संघर्ष समिति एवं अभिभाषक संस्थान ने लाठी भांजने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। शाम तक त्रिमूर्ति चौराहे पर धरना प्रदर्शन जारी रहा।

इनका कहना है-

पुलिस व समारोह स्थल की ओर प्रदर्शनकारियों की तरफ से हल्की पत्थरबाजी करने पर भीड़ को पुलिस ने खदेड़ा। लाठीचार्ज नहीं किया गया। सुरक्षा के लिहाज से आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल व एसटीएफ जाप्ते के साथ वाटर कैनन को भी तैनात रखा।

- आलोक श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक, शाहपुरा