
बागौर थाने में दुष्कर्म पीडि़ता को न्याय दिलाने की मांग करते विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि
बागौर।
थाना क्षेत्र के एक गांव में स्कूल जा रही दलित छात्रा से दो दिन पूर्व हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को फैक्ट फाइन्डिंग टीम ने किया पीड़िता के गांव का दौरा किया। घटना के बाद पीड़िता व परिजन अभी भी सदमे से नहीं उबर पाए हैं। पीड़िता व परिजनों ने चार दिन से खाना तक नहीं खाया।
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य भंवर मेघवंशी ने बताया कि पीड़िता के गांव में दलित समुदाय के लोगों के बहुत कम परिवार हैं। जबकि आरोपी पक्ष के लोगों के सैकड़ों परिवार हैं, जो गाँव को इकट्ठा करके पीड़ित परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर सकते हैं। इसको लेकर पीड़िता व उसके परिजनों ने 4 दिनों से खाना भी नही खाया है। जिससे परिवार तो सदमे में है ही साथ ही इस बात को लेकर समाज व टीम भी बहुत चिंतित है।
कई संगठनों की टीमों ने शुक्रवार को पीड़िता के गांव जाकर पीड़िता व उसके परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी ली। टीम ने बागोर थाने में जांच अधिकारी मांडल पुलिस उपाधीक्षक चंचल मिश्रा से मुलाकात की । पीपुल्स यूनियन फ़ॉर सिविल लिबर्टीज के नेशनल कौंसिल मेंबर व डगर के संस्थापक भंवर मेघवंशी ने बताया कि बागोर थाना क्षेत्र के एक गांव में दो दिन पूर्व एक दलित स्कूली छात्रा के साथ हुए घोर निंदनीय घटनाक्रम को राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग ने काफी गंभीरता से लिया है । जिसके चलते आयोग के निदेशक राजकुमार छानेना ने पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव से इस बाबत बात कर रिपोर्ट तलब करते हुए पीड़िता व उसके परिजनों को सामाजिक सुरक्षा के साथ ही जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की है ।
मेघवंशी ने बताया कि आयोग के निदेशक ने दूरभाष पर पीड़ित परिवार से भी बात करके कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया । जिसको लेकर बागोर थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार को फैक्ट फाइन्डिंग टीम ने दौरा किया व पीड़िता ओर उसके परिजनों सहित ग्रामीणों से भी घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। पीयूसीएल की जिलाध्यक्ष तारा अहलूवालिया ने बताया कि प्रदेश के दलित व मानवाधिकार संगठनों की एक उच्च स्तरीय टीम ने शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी के नेतृत्व में पीड़िता के गांव का दौरा किया तथा सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता दलित छात्रा और उसके परिजनों से मुलाकात की । टीम ने घटना से सम्बंधित समस्त तथ्यों की जानकारी ली तथा बाद में बागौर थाने में जांच अधिकारी मांडल डिप्टी चंचल मिश्रा के साथ विचार विमर्श करते हुवे आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग करते हुए पीड़िता व उसके परिजनों को सामाजिक सुरक्षा एवं मुआवजा दिलाने की मांग की । इसके बाद टीम ने भीलवाड़ा पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाड़ा से भी वार्ता की तथा गांव के खौफनाक माहौल का जिक्र करते हुए पीड़िता व उसके परिवार की सुरक्षा के लिये पुख्ता प्रबंध किए जाने की मांग की ।
Published on:
29 Sept 2017 09:35 pm
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