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विधायक बोले—पुलिस ले रही बदला, गौरव यात्रा नहीं आने देने की निकाल रही खुन्नस

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MLA say- Bhilwara police taking revenge

MLA say- Bhilwara police taking revenge

भीलवाड़ा।

जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर ने बुधवार को भीलवाड़ा पुलिस पर बदले की कार्रवाई का आरोप जड़ा। धीरज ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा का विरोध करते हुए उसे भीलवाड़ा नहीं आने देने और अजमेर में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कार्यालय के बाहर किए प्रदर्शन का भीलवाड़ा पुलिस बदला ले रही है। सरकार के इशारे पर उनके परिवार को यातनाएं दी जा रही। विधायक ने आरोप लगाया कि फायरिंग का फर्जी केस बना पुलिस ने उनके भाई नीरज गुर्जर, रिश्तेदार राहुल और चालक को बेवजह गिरफ्तार किया। कोतवाली में प्रताडऩा दी जा रही। सरकार के इशारा पुलिस काम कर रही है। उन्होंने गंगाजली उठाकर कसम खाई कि फायरिंग में उनके परिवार का कोई हाथ नहीं है। परिवार के पास कोई हथियार तक नहीं है।

वीर सावरकर चौक स्थित अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में गुर्जर ने कहा कि शाम की सब्जी मण्डी में उनके भाई की कार रोककर फायरिंग की गई। शार्प शूटर को बुलाया था। नकाब पहने शॉर्प शूटर बाइक पर था। भाई ने मुख्य सचेतक के यहां छिपकर जान बचाई। दोपहर में कोतवाली पहुंच फायरिंग की रिपोर्ट दी। 12 बजे दी रिपोर्ट पुलिस ने दोपहर तीन बजे दर्ज की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में से एक से रिपोर्ट लेकर नीरज और राहुल के खिलाफ फायरिंग का मामला दर्ज किया।

फुटेज से सच आएगा सामने

गुर्जर ने कहा कि शाम की सब्जी मण्डी के मुख्य रोड पर कई जगह सीसी कैमरे लगे हैं। पुलिस फुटेज जांचे। नीरज ने फायरिंग की है तो सजा को तैयार है। पुलिस कह रही है कि तब उस क्षेत्र में दुकान-शोरूम के सीसी कैमरे तब बंद थे, यह कैसे संभव है। फुटेज देखे तो पता चल जाएगा कि उनके भाई और रिश्तेदार ने फायरिंग नहीं की। पुलिस ने एक भी फुटेज नहीं लिया। पुलिस नीरज, राहुल और चालक नारायण लाइ डिटेक्टर और नारको टेस्ट करवा लो। नीरज तेरह मामलों में बरी हो चुका है। एक भी मामले में अदालत ने दोषी नहीं माना।

बदनाम करने के लिए साजिश

विधायक ने कहा कि चुनाव में हराने के लिए उनको बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही है। उन पर हमला हो सकता है। इस खतरे की जानकारी डीजीपी से आईजीपी को दे चुका। फिर भी आचार संहिता के नाम पर सुरक्षाकर्मी हटा दिए गए। वह पुलिस को सुरक्षा का भुगतान करने को तैयार थे। सत्याग्रह के दौरान टावर पर चढऩे परके दो मामलों में उसे षड्यंत्र में शामिल बता केस दिया जबकि उसका टावर पर किसी को चढ़ाने में कोई हाथ नहीं है।

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