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कोठारी नदी उद्गम दर्शन से मोटरसाइकिल यात्रा 10-11 को

जलधारा विकास संस्थान

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कोठारी नदी उद्गम दर्शन से मोटरसाइकिल यात्रा 10-11 को

कोठारी नदी उद्गम दर्शन से मोटरसाइकिल यात्रा 10-11 को

भीलवाड़ा।
जलधारा विकास संस्थान की ओर से मां कोटेश्वरी कोठारी नदी उद्गम दर्शन के लिए मोटरसाइकिल यात्रा 10-11 जुलाई को निकाली जाएगी। यात्रा का शुभारंभ नंदराय के समीप कोठारी नदी के बनास में विलय स्थल देवरिया माताजी के स्थान से प्रात: 8.15 बजे होगा। यह यात्रा नंदराय, सवाईपुर, चावंडिया, भीलवाड़ा बागोर नदी के किनारे होते हुए इसके उद्गम स्थल दिवेर तक पहुंचेगी। जहां इसके उद्गम का दर्शन करेगी। कोठारी नदी का उद्गम दिवेर के रावत समाज के तालाब से है।
जलधारा विकास संस्थान के अध्यक्ष महेश नवहाल ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य नदी पुनर्जीवन के लिए जन जागरण एवं नदी के किनारे स्थित वनस्पतियों का अध्ययन है। किस प्रजाति की वनस्पतियां, वृक्ष इस नदी के किनारे बहुत अच्छी स्थिति में फल-फूल रहे रहे हैं। इसका डोक्यूमेन्ट तैयार किया जाएगा। साथ ही इस नदी की भौगोलिक स्थिति का भी अध्ययन इस यात्रा के द्वारा किया जाएगा। सचिव बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर पौधारोपण किया जाएगा। यात्रा का रात्रि विश्राम बागोर में होगा। रविवार दोपहर 2 बजे यात्रा राजसमंद जिले के दिवेर पहुंचेगी। यात्रा में इस नदी के इतिहास, बहाव क्षेत्र में मिलने वाली धाराएं, नदी के किनारे स्थित वन क्षेत्र, पहाडी, पठारी, भूभाग आदि का अध्ययन भी किया जाएगा। संस्थान के उपाध्यक्ष आरके जैन ने बताया कि इस नदी के ऊपरी बहाव क्षेत्र में इस नदी का नाम कोटेश्वरी ही है। यात्रा में राजसमन्द स्थित खाखरमाला पंचायत के ग्राम टीकड जहां कोटेश्वर महादेव मन्दिर के दर्शन कर खाखरमाला बांध और गुणिया बांधों का अवलोकन करेंगे। यात्रा का समापन महाराणा प्रताप विजय स्मारक दिवेर पर होगा। बाद में दिवेर स्थित युद्ध स्थली स्मारक का भी दर्शन करेंगे।