
ब्राह्मणों की सरेरी गांव में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन बालकों की डूबने से हुई मौत हो गई थी। बच्चे के पिता रतलाम होने के कारण अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया।
ब्राह्मणों की सरेरी।
भीलवाड़ा जिले के ब्राह्मणों की सरेरी गांव में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन बालकों की डूबने से हुई मौत के दूसरे दिन बुधवार को भी कस्बा शोक में डूबा रहा। दो बालकों का मंगलवार शाम को ही अंतिम संस्कार हो गया था, जबकि एक बच्चे के पिता रतलाम होने के कारण अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया। उधर ब्राह्मणों की सरेरी में डूबने से बचाए गए बालक कमलेश की हालत में सुधार हो गया है। उसका महात्मा गांधी चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। घटना के बाद बाद कस्बे के बाजार बंद हो गए थे, जो बुधवार को भी बंद रहे। पूरेे कस्बे मेंं सन्नाटा पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार आकाश के पिता रतलाम होने के कारण बुधवार को उनके पहुंचने पर गमगीन माहोल में अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू थे। उधर ब्राह्मणों की सरेरी में डूबने से बचाए गए बालक कमलेश की हालत में सुधार हो गया है। उसका महात्मा गांधी चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। गौरतलब है कि ब्राह्मणों की सरेरी गांव में मंगलवार को अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन करने गए तीन बालकों की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी तथा एक बालक अचेत हो गया, जिसका जिला मुख्यालय के एमजी अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई में इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गइ थी।
दो दिन से कस्बे के बाजार बंद
घटना के बाद बाद कस्बे के बाजार बंद हो गए थे, जो बुधवार को भी बंद रहे। पूरेे कस्बे मेंं सन्नाटा पसरा हुआ है। घटना के कारण कई घरो में चूल्हे नहीं जले।
Published on:
06 Sept 2017 01:15 pm
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