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कई बड़े कारोबारियों के नाम आ सकते हैं सामने, शहर में हलचल

आयकर विभाग की कानपुर शाखा की कार्रवाई पूरी, फरार दो लोगों की तलाश तीन दिन तक चली कार्रवाई

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Names of many big businessmen may come forward, there is commotion in the city

Names of many big businessmen may come forward, there is commotion in the city

आयकर विभाग की कानपुर अन्वेषण शाखा की टीम ने भीलवाड़ा में तीन दिन तक चली कार्रवाई गुरुवार देर शाम पूरी कर ली। करोड़ों रुपए के लेन-देन का मामला सामने आने से शहरभर में हलचल मची हुई है। टीम अब लौट चुकी है, लेकिन कार्रवाई से पहले फरार हुए दो लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

चार ठिकानों पर रही मुख्य छापामारी

मंगलवार सुबह शुरू हुई छापामार कार्रवाई का फोकस गुर्जर मोहल्ला, द्वारिका कॉलोनी, मंगरोप के पास रतनपुरा और पटेलनगर क्षेत्र रहे। टीम ने शहर के अन्य हिस्सों में भी जांच की। सूत्रों के अनुसार टीम ने जिन ठिकानों पर कार्रवाई की, वहां राजनीतिक दलों से जुड़े लोग, कारोबारियों और वित्तीय संस्थानों के कार्यालय शामिल रहे।

करोड़ों के लेन-देन का मामला

जांच के दौरान करोड़ों रुपए के लेन-देन का मामला उजागर हुआ है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से जुड़े कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

फरार महेश त्रिवेदी और दिनेश जांगिड़ पर शिकंजे की तैयारी

छापामारी शुरू होने से पहले ही महेश त्रिवेदी और दिनेश जांगिड़ फरार हो गए थे। आयकर विभाग की टीम अब इन दोनों की तलाश में जुटी हुई है। सूत्रों का कहना है कि इनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही बड़ी गिरफ्तारी हो सकती है।

सीए अंकुर जैन पर रही विशेष नजर

दिल्ली से आई आयकर टीम अपने साथ इस कार्रवाई का सर्च वारंट अंकुर जैन के नाम से लेकर आई थी। अंकुर जैन, चंद्रशेखर आजाद नगर निवासी केएल बाकलीवाल का भानजा है और मुंबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट है। उसने अपने पेन कार्ड में चंद्रशेखर आजाद नगर का पता दर्ज कर रखा था। इसके चलते टीम बाकलीवाल के घर पहुंची।

इंटरआर्च से जुड़ा मामला

दिल्ली स्थित इंटरआर्च बिल्डिंग सॉल्यूशन्स लिमिटेड में मॉरीशस के प्राइवेट इक्विटी फंड के निवेश से जुड़े मामलों की जांच की गई। दिल्ली आयकर विभाग की टीम ने देशभर में इंटरआर्च से जुड़े 25 से अधिक ठिकानों पर छापामारी की थी। जांच में खुलासा हुआ कि अंकुर जैन न केवल इस इक्विटी फंड के निवेश को देखता था, बल्कि इसका रिटर्न भी फाइल करता था।

लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म

भीलवाड़ा शहर में इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर रही। राजनीतिक दलों से जुड़े नाम सामने आने की संभावना को लेकर लोग तरह-तरह की अटकलें लगाते रहे। कई व्यापारी वर्गों में भी इस कार्रवाई को लेकर खामोशी छाई रही।