
National bird peacock needs its shelter in Bhilwara
भीलवाड़ा। वन्य जीव संरक्षण के तहत छह साल पहले जिले के शुंभकर के रूप में चुने गए राष्ट्रीय पक्षी मोर की गणना जिले में शुरू हो गई। जिले में मोरों का अस्तित्व की तस्वीर स्पष्ट नजर आने के बाद संरक्षण की योजना वन विभाग बनाएगा। National bird peacock needs its shelter in Bhilwara
जिले में वर्ष 2015 की वन्य जीव गणना के दौरान मोर का कुनबा घटता हुआ नजर आया था। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014 में मोरों की संख्या 771 थी जो वर्ष 2015 में 698 हो गई, 2016 में फिर मोरों का कुनबा घटता नजर आया और वन क्षेत्र में 608 ही मोर नजर आए, हालांकि वर्ष 2017 में मोरों की संख्या बढ़ कर 770 हो गई और 2018 में यह आंकड़ा 824 का हो गया। वर्ष 2019 में भी मोरों की संख्या में आंशिक वृद्धि ही नजर आई, लेकिन वर्ष 2020 व 2021 में कोरोना संकट व बारिश के कारण वन्य जीव गणना स्थगित ही रही। National bird peacock needs its shelter in Bhilwara
पहले दिन 52 मोर दिखे
प्रदेश में वन विभाग ने मोरों की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के लिए सोमवार से फिर से मोर गणना शुरू की है। वर्ष 2018-19मे चिन्हित ग्रामों में यह मोर गणना सोमवार से शुरू हुई । National bird peacock needs its shelter in Bhilwara हमीरगढ़ वनपाल देवकृष्ण दरोगा, वनरक्षक हरिशंकर विश्नोई, मथरा लाल जाट एवं वन्य जीव प्रेमी महावीर की टीम ने सोमवार को ग्राम पंचायत रूपालिया के आमलीगढ पाछली में राष्ट्रीय पक्षी मोर की गणना की। प्रथम दिन मोर गणना में 11नर , 34 मादा व सात छोटे बच्चे दिखाई दिए। National bird peacock needs its shelter in Bhilwara
जलीय जीवों की गणना भी होगी
उपवन संरक्षक डीपी जागावत ने बताया कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीय पक्षी मोर को जिले का शुंभकर घोषित कर रखा है। वन्य जीव संरक्षण के तहत मोरों के प्रवास स्थलों पर गणना शुरू की गई है। इसी प्रकार जल्द ही जलीय जीवों की गणना भी शुरू होगी। National bird peacock needs its shelter in Bhilwara
Published on:
29 Jan 2022 10:08 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
