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घट स्थापना के साथ ही नौ दिन तक खनकेंगे डांडिये

शहर में जगह-जगह पांडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करके नवरात्र महोत्सव के रूप में मनाएंगे

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भीलवाड़ा में विद्युत रोशनी से सजे पांडालों में गुरुवार से गरबा नृत्य के साथ ही डांडियों की खनक गूंजने लगेगी।

भीलवाड़ा ।
शहर में गुरुवार को नवरात्रा पर्व पर शक्ति पीठ व धार्मिक स्थलों पर घट स्थापना के बाद ही देवी की नौ दिवसीय आराधना और अनुष्ठान शुरू होंगे। श्रद्धालु शहर में जगह-जगह पांडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करके महोत्सव के रूप में मनाएंगे। सुबह घट स्थापना के बाद शाम को मंदिरों में महाआरती के बाद आकर्षित विद्युत रोशनी से सजे पांडालों में गरबा नृत्य के साथ ही डांडियों की खनक गूंजने लगेगी।

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श्री बाबा धाम में सुबह 11.15 बजे पं. शिवप्रकाश जोशी के सानिध्य में पं. प्रीतमशर्मा व पं. योगेश शर्मा द्वारा मंत्रोच्चार व विधि-विधान के साथ घट की स्थापना की जाएगी। अध्यक्ष विनीत अग्रवाल ने बताया कि शाम को महाआरती के बाद मां के दरबार में ही गरबा का आयोजन किया जाएगा। पंचमुखी मोक्षधाम परिसर में स्थित मसाणिया भैरूनाथ के यहां प्रात: 9.15 बजे काल भैरव का हवन किया जाएगा। पुजारी संतोषकुमार खटीक ने बताया कि इस अवसर पर 501 कन्याओं को भोजन कराया जाएगा। इसी प्रकार उप नगर पुर में घाटी के बड़े हनुमान मंदिर पर श्री रामभक्त हनुमान सेवा समिति द्वारा घट स्थापना की जाएगी। नारायण माली ने बताया कि 9 दिन तक हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ व भजन कीर्तन के साथ ही जागरण किया जाएगा।

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पं. अशोक व्यास के अनुसार नवरात्रा पर्व पर गुरुवार प्रात: 6.29 से 7.49 बजे के मुहूर्त में घट स्थापना करना श्रद्धालुओं के लिए श्रेष्ठ रहेगा। उसके बाद महापात योग शुरू हो जाएगा। दोपहर 12.05 से 12.52 बजे तक के अभिजित मुहूर्त में भी घट स्थापना की जा सकती है। उसके लिए नवरात्रा स्थापना का पहला दिन, अष्टमी व नवमी का व्रत करके भी मनोकामना फल प्राप्त कर सकते है।

बाजार में कई तरह डांडिया उपब्ध
बाजार में इस बार तरह-तरह के डांडिये उपलब्ध है। दस रुपए से लेकर पांच सौ रुपए तक के फैंसी डांडिए बाजार में उपलब्ध है। बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए अलग-अलग साइज में लकड़ी व प्लास्टिक के डांडिए इस बार बिक्री के लिए आए हैं।


सजे पांडाल
शहर की विभिन्न कॉलोनियों व मोहल्लों में जगह-जगह पांडाल सजाए गए हैं। जहां नौ दिनों तक रोजाना मां दुर्गा की प्रतिमा के समाने गरबे की धूम रहेगी।