
मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट सतीश गोदारा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव मोहित शर्मा के साथ गुलाबपुरा पुलिस उपाधीक्षक अमृतलाल जीनगर व गुलाबपुरा थानाप्रभारी रविन्द्रप्रतापसिंह हुरड़ा स्थित छात्रावास का दौरा करते हुए
हुरड़ा।
कस्बे के अम्बेडकर छात्रावास में अव्यवस्था व लापरवाही के चलते दो दिन से खाना नहीं बनने और बच्चों के भूख रहने को गम्भीर मानते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने प्रसंज्ञान लिया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राज्य बाल संरक्षण समिति अध्यक्ष संदीप मेहता ने राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशन के बाद यह आदेश दिए। मामले की गम्भीरता को देखते हुए बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट के साथ टीम ने छात्रावास का दौरा किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाएं देखी और वार्डन और बच्चों से जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट सतीश गोदारा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव मोहित शर्मा के साथ गुलाबपुरा पुलिस उपाधीक्षक अमृतलाल जीनगर व गुलाबपुरा थानाप्रभारी रविन्द्रप्रतापसिंह के साथ सुबह हुरड़ा स्थित छात्रावास पहुंचे। वहां मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट ने पूरे छात्रावास का निरीक्षण किया। बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में देखा। वहां के शौचालय, पेयजल व्यवस्था, रिकॉर्ड रूम, छत और साफ-सफाई के बारे में जानकारी ली। गौरतलब है कि हुरड़ा के अम्बेडकर छात्रावास में अव्यवस्था व लापरवाही के कारण दो दिनों से खाना नहीं बन पाया था। भूख से तड़पते बच्चे सोमवार रात को मजबूरी में बिस्किट के पैकेट लेने बस स्टैण्ड आए तो उनकी बातों से वहां नाश्ता कर रहे लोगों को जानकारी लगी।
बच्चों की स्थिति देखी मौजूद लोगों ने तुरंत उपखण्ड अधिकारी राजलक्ष्मी गहलोत को सूचना दी। एसडीएम वहां पहुंची तो बच्चों उनके सामने रो पड़े। तुरंत बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था करवाई गई। इस मुद्दे को राजस्थान पत्रिका ने और पत्रिका टीवी ने गम्भीरता के साथ उठाया। इस पर राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता ने प्रसंज्ञान लिया। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट के साथ टीम ने दौरा किया। इस सम्बंध में रिपोर्ट बनाकर राजस्थान उच्च न्यायालय भेजी गई है।
Updated on:
20 Sept 2017 01:35 pm
Published on:
20 Sept 2017 01:29 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
