
10 के 100 सिक्के जमा कराने पर बैंक ने काटे 45 रुपए
भीलवाड़ा।
दस-दस रुपए के सिक्के लेने से व्यापारी ही ना-नुकर करते आए हैं लेकिन अब एेसे मामले में बैंक की मनमानी का मामला सामने आया है। मामला एसबीआई की इंद्रा मार्केट शाखा से जुड़ा है, जिसमें मंगलवार को एक खाताधारक ने 10-10 रुपए के 100 सिक्के जमा कराए तो कैशियर ने उसके खाते से बतौर हैण्डलिंग चार्ज 45 रुपए काट लिए। खाताधारक ने अपने दोनों खातों में 10-10 रुपए के 100-100 सिक्के जमा कराए तो दोनों खातों से 45-45 रुपए काट लिए गए। खाताधारक ने विरोध किया तो भारतीय रिजर्व बैक का हवाला देते कैशियर ने रसीद थमा दी। हालांकि आरबीआई ने एक हजार रुपए के सिक्के बिना हैंडलिंग चार्ज लिए जमा करने का नियम बना रखा है।
हुआ यूं कि पन्नाधाय सर्किल स्थित शिवशक्ति ट्रेडर्स के मालिक लादूलाल शर्मा ने गोदावरी भवन स्थित एसबीआई शाखा में 10-10 के सौ-सौ सिक्के शिवशक्ति ट्रेडर्स व लादूलाल नाम के खाते में जमा कराए तो कैशियर ने 45-45 रुपए काट लिए। शर्मा ने दोनों रसीद पत्रिका को बताई तो पत्रिका ने बैंकों से हैण्डलिंग चार्ज वसूलने या दस-दस के सिक्कों पर शुल्क की जानकारी जुटाना शुरू किया। इस दौरान किसी भी बैंक के प्रबन्धक को आरबीआई के उस नियम की जानकारी नहीं थी, जिसमें 1000 रुपए के सिक्के बिना हैंडलिंग चार्ज वसूले जमा कराए जा सकते हैं। शर्मा का कहना था, मेरे पास रोज 10-10 रुपए के 100 से 150 सिक्के आते हैं। यदि बैंक इन्हें जमा करने का हैंडलिंग चार्ज लेता है तो वे भी किसी से सिक्के नहीं लेंगे।
सिक्कों पर आरबीआई का नियम
रिजर्व बैंक ने 3 जुलाई 2017 को जारी आदेश संख्या आरबीआई/2017-16/3-डीसीएम (एनई)नम्बर जी-1/08.07.18/2017-18 में साफ कहा कि 1000 रुपए मूल्य के सिक्के बिना शुल्क जमा कराए जा सकते हैं।
बैंक ने सुधारी गलती
एसबीआई शाखा के प्रबन्धक बीएन मीणा से इसकी जानकारी ली तो पहले तो इस तरह के शुल्क की जानकारी होने से मना कर दिया। फिर उन्होंने बैंक के कैशियर से पता किया। इसके बाद मीणा ने माना कि गलतफहमी के चलते यह राशि काट ली गई। मीणा ने गलती सुधारते हुए शाम को दोनों खातों में पुन: 45-45 रुपए जमा करवा दिए।
Published on:
19 Sept 2017 10:56 pm
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