
New dispute city council in bhilwara
भीलवाड़ा।
नगर परिषद सभापति और आयुक्त के बीच चल रही खींचतान में अब नया विवाद खड़ा हो गया है। दोनों के विवाद से पिछले छह माह से एक भी बड़ा टेंडर नहीं लगा। एेसे में छोटे टेंडर लगाने की तैयारी हुई, लेकिन उन पर भी ब्रेक लग गया है। इससे शहर के वार्डों में विकास के काम अटक गए है। नियम है कि बड़े काम के लिए सभापति की अनुमति जरूरी है।
अब यहां विवाद की स्थिति होने से फाइलों में चर्चा शब्द लिखकर लौटा फेरी हो रही है। एेसे में आयुक्त पद्मसिंह नरूका ने अपने स्तर पर दो-दो लाख रुपए के निर्माण कार्यों के टेंडर लगाने की फाइलें तैयार की थी। यह फाइलें चली लेकिन अब ब्रेक लग गया है। लेखा शाखा में आकर यह फाइलें रुक गई। करीब 40 काम एेसे है, जो दो-दो लाख रुपए के कराने थे।
उपसभापति मुकेश शर्मा गुट के पार्षदों ने ही यह काम कराने की तैयारी की थी, लेकिन अटक गए है। आयुक्त का तर्क था कि दो लाख रुपए तक के काम कराने का पावर उनके पास ही है। उधर, सभापति ललिता समदानी का कहना था कि नगर परिषद कुछ भी काम कराएगी तो स्वीकृति तो जरूरी है अन्यथा भुगतान में समस्या आएगी।
नाराज पार्षदों ने एक-एक लाख रुपए के कोटेशन तैयार कराकर काम स्वीकृत कराए थे। कुछ वार्डों में यह काम हो गए लेकिन इनका भुगतान अटक गया है। गौरतलब है कि भुगतान के लिए सभी अधिकारियों की सहमति जरूरी है। एेसे में अब तालमेल का अभाव होने से हस्ताक्षर नहीं हो रहे हैं। इससे भुगतान अटक गया है।
कलक्टर को सौंपी 170 कामों की सूची
उधर, आयुक्त पद्मसिंह नरूका ने निर्माण शाखा से कहा कि जिन पार्षदों के प्रस्ताव आए हैं, उन्हें एक साथ कर निविदा फाइल तैयार करंे। निर्माण शाखा ने सभी पार्षदों के करीब 170 काम की सूची तैयार कर प्रस्तुत की। इस सूची को जिला कलक्टर के समक्ष पेश किया गया है। हालांकि इस सूची को भी नगर परिषद से पूरी तरह से स्वीकृत करके नहीं भेजा है।
चर्चा में ही निकल रहा समय
नगर परिषद में फाइलें अटकी हुई है। यहां कोई भी काम की फाइल आसानी से नहीं निकल रही है। सभापति की ओर से आयुक्त के पास भेजते हैं तो वहां से एक्सईएन चर्चा करें लिखकर वापस भिजवाया जा रहा है। वहीं सभापति के यहां भी फाइलें अटकी हुई है। एेसे में फाइलें केवल चर्चा में ही घूम रही है। इससे कई जरुरी काम अटके हुए हैं।
Published on:
30 Jun 2018 11:48 am
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