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भीलवाड़ा यूआईटी में नई टीम ने संभाला जिम्मा

New team took over in Bhilwara UIT भीलवाड़ा नगर विकास न्यास में शुक्रवार को तीस नए संविदा कर्मी कार्य लिया। राजस्थान पत्रिका की खबर के बाद न्यास सचिव ने बुधवार शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए 83 में से 81 संविदा कर्मियों को हटा दिया था। इधर, न्यास ने शनिवार से शुरू हो रहे प्रशासन शहरों के संग अभियान को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

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New team took over in Bhilwara UIT

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भीलवाड़ा। नगर विकास न्यास में शुक्रवार को तीस नए संविदा कर्मी कार्य लिया। राजस्थान पत्रिका की खबर के बाद न्यास सचिव ने बुधवार शाम को बड़ी कार्रवाई करते हुए 83 में से 81 संविदा कर्मियों को हटा दिया था। इधर, न्यास ने शनिवार से शुरू हो रहे प्रशासन शहरों के संग अभियान को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। New team took over in Bhilwara UIT


नगर विकास न्यास में सालों से जमें संविदा कर्मियों के खिलाफ गड़बड़झाले की शिकायतों को लेकर राजस्थान पत्रिका के समाचार अभियान पर जिला कलक्टर शिव प्रसाद नकाते ने गंभीरता दिखाई। नकाते के कार्यवाही के बाद न्यास सचिव अजय कुमार आर्य ने बड़ा कदम उठाया और 83 में से 81 की सेवा समाप्त कर दी। आर्य के इस बड़े निर्णय से न्यास के बिगड़ते हालात को सुधारने को लेकर एक संदेश भी लापरवाह कर्मियों व अभियंता तक पहुंचा है।

प्रशासन शहरों के संग अभियान चुनौती
आर्य ने बताया कि न्यास की प्रशासनिक एवं जनता से जुड़ी व्यवस्थाएं प्रभावी हो, इसके लिए यह बड़ा कदम उठाया है। सबसे बड़ी चुनौती अभी दो अक्टूबर से शुरू हो रहे प्रशासन शहरों के संग अभियान की है, अभियान में हम टीम वर्क के साथ काम करेंगे, जनता की समस्याओं का समाधान हो और शिविर का पूरा लाभ मिलें, ऐसे प्रयास होंगे। उन्होंने बताया कि न्यास का काज प्रभावित नहीं हो, इसके लिए हटाए गए संविदा कर्मियों के स्थान पर युवा व प्रशिक्षत को प्राथमिकता दी जाएगी।

बेटों, रिश्तेदारों की नौकरी भी गई

न्यास में संविदा कर्मियों में परिजनों, रिश्तेदारों व करीबियों को न्यास में नौकरी लगाने का भी बड़ा खुलासा हुआ है। हालांकि ऐसे सभी संविदा कर्मियों की छुट्टी हो चुकी है। बताया गया कि न्यास के पांच कर्मचारी ऐसे है, जिनके पुत्र भी यहां संविदा पर लगे हुए थे, उनके साइड पर लगे होने की जानकारी विभागीय कर्मियों को थी, लेकिन वह कहां काम करते थे यह किस पता नहीं था। जबकि कई कर्मचारियों के रिश्तेदार भी संविदा कर्मी से हटा गए है।

दबाव रहा दिन भर

इधर, संविदा कर्मियों को हटाए जाने के बाद उन्हें दोबारा नौकरी पर लेने का दबाव भी दिन भर न्यास सचिव पर रहा, लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रहे। कई संविदा कर्मियों ने सांसद व विधायकों को भी अपनी पीड़ा बताई।