एनजीटी ने अपने आदेश में सरकार ने तीन अलग-अलग क्षेत्र में जुर्माना लगाते हुए कुल 3,000 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। सोलिड वेस्ट का निस्तारण करने तथा ट्रीटमेन्ट प्लांट को नहीं चलाने पर 2500 करोड़ रुपए, 255 करोड़ रुपए अन्य मामले में तथा 555 करोड़ रुपए औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषित पानी डिस्चार्ज का प्रबंधन सही नहीं करने पर लगाए हैं। इस राशि को एक समान करते हुए 3 हजार करोड़ रुपए किए हैं। इस राशि को जमा कराने के लिए दो महीने तक का समय दिया गया है। भिवाड़ी, भीलवाड़ा, पाली सहित आधा दर्जन जिलों की सीमेंट या अन्य फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी से नदियों में हो रहे प्रदूषण के चलते लगाया गया है।