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भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव

मंदिरों में चढ़ाए जाएंगे निर्वाण लड्डू

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भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव

भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव

भीलवाड़ा।
दिगम्बर जैन समाज दीपावली पर गुरुवार को भगवान महावीर का 2548वें निर्वाण महोत्सव मनाएगा। समाजजन सुबह मंदिर में पूजा के बाद निर्वाण लड्डू चढ़ाएंगे। आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश गोधा ने बताया कि प्रात: 6 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा की जाएगी। इसके बाद सामूहिक पूजन होगा। सुबह 8.15 बजे निर्यापक मुनि विद्यासागर महाराज का प्रवचन होगा। प्रात: 9 बजे निर्वाण काण्ड पूजन के साथ निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा।
दिगम्बर जैन समाज महावीर निर्वाण उपलक्ष में ही दिवाली मनाता है। कार्तिक अमावस की प्रात: भगवान का निर्वाण हुआ एवं इसी दिन सायं उनके प्रथम गणधर गौतम स्वामी को कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारत के इतिहास पुस्तक में लिखा है कि देश में दिवाली मनाने की परम्परा महावीर निर्वाण के उपलक्ष में प्रारम्भ हुई। इससे पूर्व तेरस के दिन प्रात:कालीन शुभवेला में भगवान महावीर समवशरण को त्याग कर योग-निरोध कर ध्यान में मग्न हो गए। इस अवसर पर स्वर्ग से देवताओं ने आकर धन्य-धन्य की ध्वनि की, इससे वह दिन धन्य तेरस कहलाया। जिसे हम लौकिक रूप में धनतेरस के रूप में मनाते है। अमावस्या की प्रात:कालीन वेला में सूर्योदय के कुछ क्षण पूर्व भगवान महावीर बिहार में पावापुरी के कमल सरोवर के मध्य चट्टान से नश्वर शरीर त्याग कर मोक्ष में पधार गए। इस अवसर पर पूरे देश में शासकों एवं प्रजा ने घी के दीपक जला कर उत्सव मनाया। इससे दीपावली की परंपरा चालू हुई।