
साथ कुछ नहीं जाएगा, फिर भी हम कहते हैं-ये हमारा है
भीलवाड़ा . भगवान हर स्वरूप में सारे लोकों का सुख देने वाले हैं, जो उनका स्मरण करे उसे ये सभी सुलभ हो जाते हैं। रामजी में ऐसी विभूतियां उपस्थित है कि किसी भी भाव से उनका स्मरण मात्र कर लेने से जीव का मंगल हो जाता है। हम जानते है हमारे साथ कुछ नहीं जाने वाला, फिर भी हम सबको कहते ये हमारा है। माया के आवरण के कारण इस जगत में फंसे रहते हैं।
ये विचार अयोध्या के कथावाचक प्रेमभूषण ने शुक्रवार को श्रीसंकट मोचन हनुमान मंदिर की ओर से श्री रामकथा सेवा समिति के तत्वावधान में चित्रकूटधाम में रामकथा महोत्सव के चौथे दिन जताए। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का रामकथा श्रवण के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ। चौथे दिन भगवान के बाल लीला एवं यज्ञ रक्षा प्रसंगों की चर्चा हुई। प्रेमभूषण ने कथा में जब आई बहार हंसते-हंसते, आया सांवला सरकार हंसते-हंसते भजन की प्रस्तुति दी तो पूरा माहौल भक्ति में डूब गया। मंच पर कथा आयोजक संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी, हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदास सहित कई संत-महात्मा का सानिध्य मिला।
पानी भरने पर लगाई कुर्सियां
चित्रकूटधाम में गुरूवार शाम बारिश से कई जगह पानी भर गया। कथा आयोजक श्रीराम कथा सेवा समिति के अध्यक्ष गजानंद बजाज ने बताया कि पांडाल में कई जगह पानी भरने पर भक्तों को बैठने में कोई तकलीफ नहीं आए, इसके लिए कुर्सियां लगाई गई।
Published on:
24 Sept 2022 10:07 am
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