
भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी छैलकंवर चारण ने पालिका के पूर्व अध्यक्ष समेत 20 जनों को माणिक्य नगर आवासीय योजना में कथित फर्जी पट्टे, रजिस्ट्री व अन्य गड़बड़ी मामले में नोटिस दिए। सात दिन में जवाब मांगा है। मामले की जांच निकाय विभाग उदयपुर के उपनिदेशक (क्षेत्रीय) की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है। ईओ ने नोेटिस में बताया कि माणिक्य नगर योजना मामले को विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने विधानसभा में मामला उठाया। पार्षद अनिता सुराणा ने भी सरकार से शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में पूर्व पालिका अध्यक्ष विनोदकुमार ओस्तवाल, नन्दनी साहू व 20 कर्मचारियों व अधिकारियों को नोटिस दिया। इसमें कहा कि पदस्थापन के दौरान माणिक्य नगर योजना में लॉटरी या नीलामी की गई तथा पालिका में अन्य पट्टों या भू-उपयोग परिवर्तन या नामान्तरण किया था। इस बारे में दस्तावेज पालिका में पेश करें ताकि समिति की जांच में सहयोग व विधानसभा में जवाब दिया जा सके। मालूम हो, मांडलगढ़ पालिका ने गत दिनों सूचना जारी कर पट्टे मामले में शिविर लगाया था। इसमें 600 दस्तावेज सामने आए। इनमें कई पट्टे फर्जी है। हालांकि इनकी जांच की जा रही है।
कमेटी ने माना था पट्टों में गड़बड़ी
फर्जी पट्टों की शिकायत पर उप निदेशक अजमेर को जांच अधिकारी बनाया। कमेटी ने 12 सितम्बर 2022 को माण्डलगढ़ पालिका में जांच की। अध्यक्ष आलोक जैन ने माना कि प्लॉटों की संख्या 998 है, लेकिन 494 पत्रावलियां सामने आई है। केसबुक से मिलान पर पट्टों पर लिखी राशि, रसीद नम्बर व दिनांक गलत है। ऐसे में पर्जी पट्टों से इंकार नहीं किया जा सकता है।
यह है मामला
पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, कैशियर, लिपिक ने षड्यंत्र पूर्वक माणिक्य नगर योजना में न नीलामी पूरी की और न ले-आउट प्लान स्वीकृत करवाया। बेशकीमती भूमि में प्लाट बना फर्जी पट्टे बनाए। पट्टों पर राशि, दिनांक, रसीद नं. तीनों की तारीख वर्ष 2015 से 2020 अंकित है। फर्जी पट्टों की पंजीयन विभाग से रजिस्ट्रियां करवा दी गई। दलाल इन भूखंडों को बेच दिए। करीब 400 भूखंडों के पट्टे फर्जी बनाए हैं। इनका पालिका में रिकॉर्ड व पत्रावलियां नहीं है।
Published on:
31 Jul 2024 11:34 am
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