
अब 500 वर्गमीटर के प्लॉट पर कर सकेंगे निर्माण
भीलवाड़ा।
स्वायत्त शासन विभाग ने भवन मानचित्र अनुमोदन की प्रक्रिया आसान बनाई है। नए बिल्डिंग बॉयलाज के तहत लोगों को नक्शा अनुमोदन के लिए नगर परिषद के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब 500 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी। सरकार से रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से नक्शा अनुमोदित करा निर्माण कर सकेंगे। इसके लिए उस व्यक्ति को केवल अनुमोदित नक्शा और शुल्क का ड्राफ्ट जमा कराना होगा। पहले छूट केवल 250 वर्ग मीटर के प्लॉट पर ही थी।
नए आदेशों के तहत आर्किटेक्ट को भूखंड के अक्षांतर-देशांतर के अनुसार गूगल मैप पर भूखंड की लोकेशन बतानी होगी। योजना एवं परिषद से जारी लीज डीड, पट्टा प्रकरण के अतिरिक्त स्वामित्व संबंधित दस्तावेज का प्रमाणीकरण कराना होगा। प्रमाणीकरण बार कांउसिल ऑफ इंडिया से पंजीकृत अधिवक्ता से कराना जरूरी होगा। सैट बैक व भवन की प्रस्तावित ऊंचाई व मंजिल की संख्या बतानी होगी। व्यवसायिक भूखंडों में पार्किंग प्लान दर्शाना होगा। आवेदक का प्रावधानों की अनुपालना किए जाने का घोषणा पत्र और शपथ पत्र देना होगा। लीज और विकास कर की जमा की रसीद के साथ भवन मानचित्र अनुमोदन से संबंधित राशि परिषद के बैंक खाते में ऑनलाइन या ऑफ लाइन जमा होने की रसीद देनी होगी।
आवेदक का भवन विनियम अनुसार देय शुल्क के संबंध में मांग पत्र देना होगा। डिमांड नोट का चालान आवेदक को जारी करने के साथ आर्किटेक्ट को उसके द्वारा जमा करवाए गए दस्तावेज प्राप्ति की स्वीकृत सूचना देनी होगी।
500 से 2500 वर्गमीटर की प्रक्रिया तय
एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिए 18 मीटर की ऊंचाई तक 500 से 2500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के समस्त भू-उपयोग के भूखंडों के लिए भी विभाग ने प्रक्रिया तय की। 500 से 2500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के समस्त भू-उपयोग के भूखंडों पर विनियम 19 व 20 के तहत पंजीकृत वास्तुविद तथा भवन मानचित्र अनुमोदन के बाद देय राशि व दस्तावेज जमा कराने पर भवन निर्माण शुरू करने के लिए डीम्ड अनुमोदित माना जाएगा।
Published on:
12 Sept 2021 10:12 pm
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