अपील को ऐसे किया खारिज-
एनजीटी के वाद निष्पादित करने के बाद नगर परिषद ने वर्ष 2018 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील की। न्यायालय ने 23 अप्रेल 2018 को अपील खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने एनजीटी के आदेश को बरकरार रखा। कहा कि एनजीटी ने कोई निर्णय नहीं दिया। एनजीटी ने नुकसान की रिपोर्ट मांगी थी। इस प्रकरण को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए एक कंपनी ने एनजीटी दिल्ली में अपील की। एनजीटी ने एक व्यक्ति के वाद को यह कहते समाप्त कर दिया कि जब ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हुआ तो प्रार्थी के आवेदन का आधार नहीं बचा।
सवाल, जिनके चाहिए जवाब-
- आरओबी निर्माण में किसे नुकसान हो रहा था?
- 40 पेड़ कटने थे, लेकिन वाद में हजारों किसने लिखवाए?
- गायों की सेवा करने वाले मजदूर को एनजीटी का रास्ता किसने दिखाया?
- एनजीटी की रोक नहीं होने के बाद भी अधिकारियों ने रोक का बहाना क्यों बनाया?
- आरओबी पर रोक नहीं थी, फिर भी नगर परिषद सर्वोच्च न्यायालय क्यों गई?
-आखिर वो कौन है, जिसे आरओबी नहीं बनने से फायदा हुआ और कितना लाभ हुआ?