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कपड़ा बाजार में आफिस बंद, मजबूरन फैक्ट्रियां भी बंद करनी पड़ेगी

कपड़ा उद्यमियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा

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कपड़ा बाजार में आफिस बंद, मजबूरन फैक्ट्रियां भी बंद करनी पड़ेगी

कपड़ा बाजार में आफिस बंद, मजबूरन फैक्ट्रियां भी बंद करनी पड़ेगी

भीलवाड़ा।
दो दिन पूर्व शहर के न्यू क्लॉथ मार्केट में उपखण्ड अधिकारी की कार्रवाई पर वस्त्र व्यापार बाजार निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड ने विरोध जताया। समिति ने इस सम्बन्ध में जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। अध्यक्ष गौतमचंद जैन व सचिव घनश्याम हेड़ा ने बताया कि टेक्सटाइल उद्योग वस्त्रनगरी की आर्थिक स्थिति का आधार स्तम्भ है। ऐसे में सिंथेटिक्स व्यापारियों की दुकानें व मार्केट के मेन गेट को सीज करने की कार्रवाई अनुचित है। न्यू क्लॉथ मार्केट कोई रिटेल मार्केट नहीं है और ना ही भारी भीड़ होती है, जिससे की कोरोना गाइडलाइन की अवहेलना हो। यहां व्यापारियों ने शुरू से ही बिना मास्क मार्केट में प्रवेश वर्जित कर रखा है। आने वालों का तापमान नापने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा था। गाइडलाइन में टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी इकाईयों को चालू रखने की बात कही है। इस मार्केट में करीब सभी फैक्ट्रियों के ऑफिस है। न्यू क्लॉथ मार्केट की दुकानों से ही वीविंग मिल्स में निर्मित कपड़ा या ग्रेडिंग को देश विदेश में भेजा जाता है। ऐसे में व्यावहारिक रूप से फैक्ट्रियां चालू रखने व मार्केट बंद करना न्यायोचित नहीं है। यदि ऑफिस बंद होते है तो विविंग उद्योग को भी बन्द करना होगा। क्योंकि जिन उद्योगों में कपड़े का उत्पादन हो रहा है। उनका कपड़ा बाहर की मंडियों में नहीं जा पाएगा तो मजबूरन उद्योग बंद करने की स्थिति आ सकती है। समिति ने जिला कलक्टर को दुकानें खुलवाने की मांग की है।