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Opinion : अवैध खनन के ‘ माफिया-राज ‘ पर लगे अंकुश

सवाल यह है कि जनता के विरोध के बावजूद ठेकेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। लोग आरोप लगा रहे हैं कि अवैध वसूली का पैसा ऊपर तक जा रहा है।
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भीलवाड़ा

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Kanaram Mundiyar

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Updated: 15 Apr 2023, 9:06 AM IST

Opinion : अवैध खनन के ' माफिया-राज ' पर लगे अंकुश

Opinion : अवैध खनन के ' माफिया-राज ' पर लगे अंकुश

कानाराम मुण्डियार

राज्य की नदियों से बजरी खनन एवं पत्थरों की खदानों से अवैध खनन व रॉयल्टी की अवैध वसूली के माफियाराज पर अंकुश नहीं लग रहा है। सरकार में बैठे मंत्री व नेताओं के हाथ भी खनन माफियाओं से मिले दिखाई दे रहे हैं।

हाल ही भीलवाड़ा जिले में दरीबा, समोड़ी में चुनाई पत्थर की रॉयल्टी वसूली के ठेके को लेकर खनिज विभाग की मेहरबानी सामने आई हैं। यह ठेका राजस्व मंत्री रामलाल जाट के रिश्तेदार राहुल चौधरी के नाम है। यहां 10 अवैध खदानों की आड़ में 100 से अधिक खदानों से पत्थर निकाल कर रॉयल्टी वसूली गई है। फिर भी विभाग ने रॉयल्टी वसूली में ठेकेदार का ठेका तीन माह के लिए बढ़ा दिया। नया ठेका करने की तिथि आई तो उसे भी आगे बढ़ा दिया। इसी तरह भीलवाड़ा जिले से गुजर रही बनास नदी से बजरी खनन में रॉयल्टी वसूली को लेकर भी घमासान मचा हुआ है।

रॉयल्टी की आड़ में ठेकेदार अवैध वसूली कर सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। तय दर से आठ गुना रॉयल्टी वसूली जा रही है। ट्रक यूनियन एवं क्षेत्र के लोग भारी विरोध पर उतरे हुए हैं। फिर भी विभाग के अफसरों की चुप्पी समझ से परे है।

ठेकेदारों के बुलंद हौसले से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि जनता के विरोध के बावजूद ठेकेदारों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। लोग आरोप लगा रहे हैं कि अवैध वसूली का पैसा ऊपर तक जा रहा है।

अवैध खनन एवं अवैध वसूली को लेकर प्रदेश के अन्य जिलों के हालात भी किसी से छिपे नहीं है। कोटा संभाग में सांगोद विधायक भरतसिंह कुंदनपुर ने तो मुख्यमंत्री को कई बार पत्र लिखकर खान मंत्री प्रमोद जैन भाया की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। लेकिन सरकार ने विधायक के पत्रों को भी गंभीरता से नहीं लिया। बिजौलियां, जहाजपुर व मांडलगढ़ क्षेत्र में अवैध खनन बड़े स्तर पर चल रहा है। इसमें खान मंत्री व अन्य नेताओं की शह बताई जा रही है।

दरअसल में अवैध खनन व अवैध वसूली में कौन लोग जुटे हैं, किन-किन नेताओं की मिलीभगत है, यह सरकार से छिपा भी नहीं हैं। सरकार की चुप्पी के कारण ही नेताओं की राजनीति चमक रही है और उनका बाहुबल बढ़ रहा है।

विधानसभा चुनाव में कुछ माह बचे हैं, समय रहते सरकार को जागना चाहिए। जनता को संदेश देना चाहिए कि प्रदेश में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी के हाथ कितने भी लम्बे क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएं। खनिज विभाग में राजनेताओं का दखल बंद कर अफसरों को अवैध वसूली के खिलाफ सख्त कार्रवाई की छूट देनी चाहिए।

kr.mundiyar@epatrika.com