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दो हजार करोड़ से अधिक टफ अनुदान बकाया

आम बजट से मिलने की उम्मीदें

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Over two thousand crores of tuf subsidy owed

Over two thousand crores of tuf subsidy owed

भीलवाड़ा।
जीएसटी लागू होने के बाद टेक्सटाइल उद्योग की हालात खराब होती जा रही है। लोकसभा में शुक्रवार को होने वाले आम बजट से भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्यमियों को कई उम्मीदे हैं। देश में दो हजार करोड़ से अधिक टफ अनुदान लम्बित है। इस बजट से इसमें से कुछ राशि मिलने की संभावना है। भीलवाड़ा में तीन दर्जन से अधिक टेक्सटाइल इकाइयों के १५० करोड़ से अधिक की राशि बकाया है। उद्यमियों ने क्रेडिट लैप्स के नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग भी की जा रही है।
ये हैं प्रमुख मांगें
- राजस्थान में टेक्सटाइल मंत्रालय बने।
- वीविंग इकाइयों को बिजली में सब्सिडी मिले।
- टेक्सटाइल पॉलिसी में कैपिटल सब्सिडी को शामिल करें।
- सोलर में 50 केवी की केप हटाकर सब्सिडी बढ़ाएं।
- क्रेडिट लैप्स का नोटिफिकेशन रद्द हो।
- लैप्स क्रेडिट पर 18 प्रतिशत ब्याज का नोटिफिकेशन रद्द हो।
टफ की स्थिति
- टफ के अटके 2000 करोड़ रुपए रिलीज करें।
- ग्रुप वर्कशेड की पेंडिंग फाइल की समस्या हल करें।
- टफ की सब्सिडी 10 से 30 प्रतिशत की जाए।
- स्टैंडअप इंडिया योजना फिर शुरू हो।
- पावर टैक्स सोलर में 8 यूनिट की केप हटे।
- एमएसएमई में व्यापारियों को छूट दी जाए।
- फेब्रिक और रेडीमेड गारमेंट आयात में 20 प्रतिशत का इजाफा करें।
एटफ योजना
- देशभर में सब्सिडी की 9000 से अधिक शिकायतें
- 9287 आवेदन लम्बित
- 7000 यूआइडी नंबर दिए
- 175 फाइल ही मंजूर - 138 फाइलों में मिली राशि
- 3000 से अधिक उद्योगों की संयुक्त जांच
- 3000 से अधिक उद्योगों की संयुक्त जांच बाकी
भीलवाड़ा की स्थिति
-१५० करोड़ टफ के बकाया
- ३८ इकाइयों की नहीं हो सकी संयुक्त जांच
- १५ को नहीं मिले यूआइडी नंबर

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