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एक्युप्रेशर ट्रेक पर चहलकदमी से पा रहे दर्द से निजात

गायत्री मन्दिर में करीब एक बीघा परिसर में फैला यह पार्क भोर की पहली किरण के साथ ही सैर को आने वाले लोगों से भरने लगता है

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गायत्री मन्दिर में करीब एक बीघा परिसर में फैला यह पार्क भोर की पहली किरण के साथ ही सैर को आने वाले लोगों से भरने लगता है

भीलवाड़ा।
शारीरिक चुस्ती व खुद को फिट रखने के लिए अधिकांश लोग मार्निंग वॉक करते है तो कई व्यायाम व योग का सहारा लेते है लेकिन शहरवासियों के कदम अब एेसे माध्यम की ओर बढ रहे हैं, जहां वॉकिंग के साथ शरीर के कई तरह के दर्द व बीमारियों से निजात मिल रही है। यह माध्यम है शहर के मध्य गायत्री मन्दिर परिसर स्थित एक्युप्रेशर पार्क।

लव गार्डन रोड स्थित गायत्री मन्दिर में करीब एक बीघा परिसर में फैला यह पार्क भोर की पहली किरण के साथ ही सैर को आने वाले लोगों से भरने लगता है। हर उम्र के लोग आते हैं। यहां के एक्युप्रेशर ट्रेक पर चलते हैं। इस ट्रेक पर नुकीली टाइल्स, गोल व प्लेन टाइल्स आदि लगी है। गायत्री शक्ति पीठ शांतिकुंज हरिद्वार ने दो वर्ष पहले बसंत पंचमी व प. श्री राम शर्मा के जन्मदिन पर यह पार्क स्थापित किया। कुछ समय यहां सैर को आने वाले लोग कम थे लेकिन जैसे-जैसे लोगो को इसकी अहमियत पता चली तो तादाद बढऩे लगी। अब रोजाना करीब दो हजार लोग यहां चहल कदमी को आते हैं।

देते है नि:शुल्क सेवाएं
यहां रस व अंकुरित अन्न को उपलब्ध कराने वाले सभी लोग नि:शुल्क सेवाएं देते हैं। दो वर्ष से नि:शुल्क सेवा दे रहे राजेश ओझा की देखरेख में रोशन असावा, देवदत्त यादव, राजकुमार सोनी, घीसुलाल ओझा, गोपाल सोमाणी यहां सेवाएं देने के साथ ही लोगों को इन रसों के फायदे भी बताते हैं।


प्राकृतिक आहार भी लेते
मॉर्निंग वॉक के बाद सुबह 5:30 से 9:30 बजे तक एेलोविरा, नीम गिलोय, ज्वारा, करेला, लौकी, पालक, चुकन्दर, गाजर, पाइनेपल, टमाटर जूस के अलावा, मिक्स वेज सूप, अंकुरित चना व मूंग आदि भी मिलता है। गायत्री मन्दिर के मुख्यद्वार के बाहर माता भगवती प्राकृतिक रसाहार चिकित्सा सेवा केन्द्र पर सुबह 4 बजे ही अर्जुन सिंह प्राकृतिक आहार तैयार करने लगते हैं। मन्दिर परिसर में बड़ी मात्रा में एलोवेरा, नीम गिलोय व ज्वार उगाकर उपयोग में लिए जाने से शहरवासियों को मात्र पांच रुपए में इनका रस मिल जाता है।