भीलवाड़ा. कला और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली इस बार की चतुरंग ऑनलाइन सीरीज में कला प्रेमियों से रूबरू हुए कल्याण जोशी। कार्यक्रम में बनाई गई पेंटिंग्स को दिखाते हुए उन्होंने बताया कि यहीं पर बैठकर पिता भी चित्रकारी किया करते थे। ये स्टूडियो मेरे लिए पिता की तपोस्थली है, जहां मैं भी चित्रकारी करते हुए तपस्या कर रहा हूं।