
आसींद तहसील के नेगडिया पंचायत समिति के साबदड़ा गांव में पैंथर पर लाठियों से हमला कर उसे अचेत करने की घटना को लेकर वन विभाग की तरफ से आसीन्द थाने में मामला दर्ज कराया गया।
भीलवाड़ा।
आसींद तहसील के नेगडिया पंचायत समिति के साबदड़ा गांव में पैंथर पर लाठियों से हमला कर उसे अचेत करने की घटना को लेकर वन विभाग की तरफ से आसीन्द थाने में मामला दर्ज कराया गया। पीपुल फॉर एनिमल्स संस्था ने भी मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को रजिस्टर्ड एफआईआर भिजवाई है।
उपवन संरक्षक एच सिंह हंपावत ने बताया कि शनिवार को साबदड़ा गांव में हमले से गुस्साए कुछ ग्रामीणों ने अपने बचाव में पैंथर को लाठियों से पीटकर अचेत कर दिया था। इसी हमले की घटना को लेकर आसीन्द थाने में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
गैर जमानती अपराध
पीपुल फॉर एनिमल्स के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने 21 अप्रैल को हमले की हुई इस घटना को लेकर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को जरिए ईमेल एवं रजिस्टर्ड डाक से रिपोर्ट भिजवाई है। जाजू ने बताया कि पैंथर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रथम अनुसूची का वन्य जीव है एवं इसकी हत्या या गंभीर चोंट पहुंचाना अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दंडनीय एवं गैर जमानती अपराध है ।
आसींद उपखंड क्षेत्र के नेगडिया ग्राम पंचायत के साबदड़ा ग्राम में 21 अप्रेल सुबह गांव में घुसे पैंथर ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया था। पैंथर के हमले में दो जने घायल हो गए थेे। जिन्हें चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। साबदड़ गांव में पैंथर दहाड़ मारता हुआ चारों तरफ भागने लगा। पैंथर की दहाड़ सुनकर ग्रामीण दहशत में आ गए। पैंथर ने भारलिया निवासी जमुनादास 70 पुत्र मथुरादास व जैतगढ़ निवासी छोटूदास 50 पुत्र जगरूपदास बैरागी पर हमला कर दिया था। जिससे दोनों घायल हो गए थेे। आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा डालकर डंडों व लाठियों से पीट पीट कर पैंथर को अधमरा कर दिया था । ररस्सों की मदद से पैंथर को काबू किया था।
Published on:
24 Apr 2018 09:56 pm
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