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शिकार के फेर में पैंथर को पड़ गए जान के लाले

पैं थर की दहाड़ से हर कोई कांप जाता है, लेकिन एक पैंथर शिकार के फेर में खुद अपनी जान को दांव पर लगा बैठा। उसकी दहाड़ शिकार पर झपटने या फिर आमजन को डराने के लिए नहीं गूंजी। इस बार पैंथर की यह दहाड़ की खुद की मदद के लिए गूंजी। क्यूंकि शिकार के साथ पैंथर भी खुद कुएं में जा गिरा। सोमवार को ऐसा ही कुछ मंजर राजस्थान में नजर आया।

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शिकार के फेर में पैंथर को पड़ गए जान के लाले

शिकार के फेर में पैंथर को पड़ गए जान के लाले

चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली क्षेत्र के बिछोर के जंगल में रविवार रात किसी समय पैंथर से बचने के प्रयास में जंगली सूअर भागता हुआ कुएं में जा गिरा। उसका पीछा कर रहा पैंथर भी उसी कुएं में गिर गया। दोनों ही अपनी जान बचाने के लिए पानी में तैरते रहे। एक ही कुएं में शिकार सामने होने के बावजूद पैंथर खुद की जान बचाने का प्रयास करता रहा।

सोमवार को सुबह किसान हरिसिंह चुण्डावत खेत पर पहुंचा तो वहां कुएं से गुर्राने की आवाज सुनाई दी। झांक कर देखा तो चुण्डावत भी हैरान रह गया। वहां सूअर और पैंथर दोनों पानी में तैरकर अपनी-अपनी जान बचाने का प्रयास कर रहे थे। बाद में इसकी सूचना डीएफओ विजयशंकर पाण्डे को दी गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो वहां ग्रामीणों की भीड़ जमा थी। वनकर्मियों ने पैंथर और सूअर को जाल डालकर अलग-अलग सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

कुएं से बाहर निकालते ही पैंथर जंगल की ओर भाग गया। बाद में वनकर्मियों ने सूअर को भी सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। रेस्क्यू टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी बस्सी सुनील यादव, ललित सिंह सोलंकी, विनोद खटीक, मुकेश खारोल, मनोहर सिंह जाट, वनरक्षक कन्हैयालाल बैरागी शामिल थे।