
झोलाछाप के सहारे छोड़े मरीज, चिकित्सा विभाग ने मूंदी आंखें
भीलवाड़ा. मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर बिना डिग्री के झोलाछाप व नीम हकीम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।क्षेत्र की कई दर्जन कॉलोनियों में नीम हकीमों ने क्लीनिक खोल रखे हैं। इनमें धड़ल्ले से लोगों का इलाज किया जाता है।
मांडलगढ़ कस्बे में नीम हकीम की भरमार है। क्षेत्र के गांवों की स्वास्थ्य के क्षेत्र में िस्थति और बुरी है। चिकित्सा विभाग झोलाछाप व नीम हकीमों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे इनके हौसले बुलंद हैं। बिना डिग्री के खुद को फिजीशियन डॉक्टर बता कर लोगों का इलाज कर रहे हैं। सस्ते इलाज और बेहतर अस्पताल नहीं होने के चलते लोग इनके चक्कर में आ रहे हैं। इतना ही नहीं, नीम हकीम मरीजों की बीमारी को तुरंत ठीक करने के लिए हैवी डोज देते हैं, जो मरीज की सेहत को खतरा बढ़ा देती है। मरीजों को बिना जांच किए पर्ची पर दवाई लिखी जा रही है। हैवी डोज से तुरंत रिएक्शन के अलावा भी घातक बीमारियों का अंदेशा रहता है।
मांडलगढ़ क्षेत्र के बीगोद, मानपुरा, महुआ, काछोला, बिजौलियां आदि में झोलाछाप अच्छी खासी तादाद में लोगों का इलाज कर रहे हैं। हालांकि कोरोना काल में विभाग ने दो झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की थी, परंतु कुछ समय बाद फिर ये दुकानें सज गई।
हर बड़े गांव में मौजूद
मांडलगढ़ विधानसभा में 67 पंचायतें ऐसी है, जहां 3-4 एवं कस्बों में 6-7 नीम हकीम वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। चिकित्सा सुविधा नहीं होने पर क्षेत्र के लोग इनसे इलाज कराने को विवश हैं। झोलाछाप इलाज के नाम पर अच्छा खासा पैसा बटोर रहे हैं। मौसमी बीमारियों के सीजन में 15 से 20 हजार रुपए तक प्रतिदिन की कमाई कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सा विभाग की जानकारी में यह सब है लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती। इनके पास कई तरह की दवाइयां भी अवैध रूप से मिलती है।
होगी कार्रवाई
पहले भी नीम हकीम पर कार्रवाई कर पुलिस में मामला दर्ज करा चुके हैं। अब टीम बनाकर दोबारा कड़ी कार्रवाई करेंगे। लोकेशन का पता कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ
Published on:
12 Mar 2023 11:04 am
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