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Daughters’s  Pride : फूलिया कलां की बेटियों का कमाल, हर साल हॉकी में छू रही आसमान
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Daughters’s Pride : फूलिया कलां की बेटियों का कमाल, हर साल हॉकी में छू रही आसमान

-राष्ट्रीय खेल के प्रति गजब का जुनून-राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर लहरा रही परचम -सुविधाओं के अभाव के बीच गांवों के खेल मैदान पर 300 छात्राएं प्रतिदिन 3 घंटे कर रही अभ्यास

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कानाराम मुण्डियार

भीलवाड़ा.

-राष्ट्रीय खेल के प्रति गजब का जुनून-राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर लहरा रही परचम

-सुविधाओं के अभाव के बीच गांवों के खेल मैदान पर 300 छात्राएं प्रतिदिन 3 घंटे कर रही अभ्यास

जिले की फूलिया कलां तहसील के कई गांवों में बेटियों को राष्ट्रीय खेल हॉकी से जोड़ने का अनूठा जुनून दिखाई दे रहा है। बीते दो दशक से यहां की बेटियां राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर रही है। हर साल राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भीलवाड़ा जिले की हॉकी टीम को फूलिया क्षेत्र के गांवों की खिलाड़ी छात्राएं प्रथम, द्वितीय स्थान भी दिला रही हैं।

राजस्थान पत्रिका टीम ने फूलिया कलां क्षेत्र की हुकमपुरा पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान जाकर खिलाड़ी छात्राओं व शारीरिक शिक्षक ओमप्रकाश सेन से हॉकी के जज्बे के बारे में जाना। हर साल राज्य स्तरीय 14, 17 व 19 वर्ष हॉकी स्पर्धाओं के लिए तैयार होने वाली भीलवाड़ा जिले की टीम में 80 प्रतिशत छात्राएं इस क्षेत्र के फूलिया कलां, हुकमपुरा, तस्वारिया बांसा, सिणगारी, देवरिया, डोहरिया पंचायतों से ही चुनी जा रही है।

सुविधाओं का अभाव, फिर भी जीत रही मैदानइन पंचायतों में 300 से अधिक छात्राएं प्रतिदिन 3 घंटे हॉकी की प्रैक्टिस कर रही हैं। यहां सुविधाओं का अभाव है, लेकिन इनका जुनून गजब का है। खिलाड़ी विष्णुकुमारी, कोमल जाट, करमा, नीतू चौधरी, नीतू गूर्जर व विद्या ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे प्रदर्शन से अपने परिवार व गांव का नाम ऊंचा कर रही हैं। शारीरिक शिक्षक ओमप्रकाश सेन व चन्द्रप्रकाश वैष्णव के अनुसार फूलिया कलां में हॉकी का जुनून पैदा करने का श्रेय शारीरिक शिक्षक रतनलाल वर्मा को है, जिन्होंने वर्ष 1983 में यहां हॉकी की शुरुआत की थी।

राजस्थान में भीलवाड़ा टीम का परचम-

शिक्षा विभाग के सालाना स्कूली खेल में छात्रा हॉकी में भीलवाड़ा जिले ने हर साल खिताब जीते हैं। वर्ष 2012 से 2021 तक 14 वर्ष छात्रा वर्ग हॉकी में भीलवाड़ा 5 बार विजेता, 2 बार उपविजेता व एक बार तृतीय स्थान पर रही। 17 वर्ष छात्रा वर्ग हॉकी में दो बार विजेता, एक बार उपविजेता व दो बार तृतीय स्थान हासिल किया।

जुनून के पीछे यह भी कारण-

-राज्य स्तरीय खेल में भीलवाड़ा जिले का प्रदर्शन अव्वल रखना।

-बीपीएड व डीपीएड में प्रवेश कर शारीक्षिक शिक्षक की नौकरी पाना।

-स्पोर्ट्स कोटे से अन्य सरकारी नौकरी में प्राथमिकता।

छात्र भी हॉकी में अव्वल-

छात्रा हॉकी के साथ ही छात्र वर्ग में भी जिले का फूलिया कलां क्षेत्र परचम फहरा रहा है। शारीक्षिक शिक्षकों के अनुसार बीते 20 साल में 2500 से अधिक छात्र हॉकी खेल में अपना प्रदर्शन कर चुके हैं। 75 छात्र राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेल चुके हैं।

फूलिया कलां: गर्ल्स हॉकी पर एक नजर-

40 छात्राएं राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुकी बीते 15 साल में

700 छात्राएं राज्य स्तर पर खेल चुकी है बीते 15 साल में

300 छात्राएं वर्तमान में कर रही है प्रैक्टिस80 प्रतिशत छात्राएं भीलवाड़ा जिले की टीम में फूलिया कलां क्षेत्र की

50 से अधिक पीटीआई बन चुके इस क्षेत्र से बीते 40 साल में

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