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पितलिया ने मेवाड़ी में बयां की दबाव की पीड़ा

Pitlia suffers pressure from Bian in Mewari भाजपा के बागी लादूलाल पितलिया ने शुक्रवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भरा नामांकन पत्र वापस उठा लिया, लेकिन उन पर नामांकन पत्र वापसी के लिए किस प्रकार के दबाव विभिन्न स्तरों पर पड़ रहे थे। इसका जिक्र उन्होंने अपने कार्यकर्ता से मोबाइल पर किया। नामांकन पत्र की वापसी के बाद करीब 2.20 मिनट का ऑडियो राजनीतिक गलियारे में सुर्खियों में है।

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भीलवाड़ा । भाजपा के बागी लादूलाल पितलिया ने शुक्रवार को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भरा नामांकन पत्र वापस उठा लिया, लेकिन उन पर नामांकन पत्र वापसी के लिए किस प्रकार के दबाव विभिन्न स्तरों पर पड़ रहे थे। इसका जिक्र उन्होंने अपने कार्यकर्ता से मोबाइल पर किया। नामांकन पत्र की वापसी के बाद करीब 2.20 मिनट का ऑडियो राजनीतिक गलियारे में सुर्खियों में है।


नामांकन वापसी के बाद पितलिया व उनके कार्यकर्ता के बीच मोबाइल पर हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से सियासी हलके मेंं खलबली मची हुई है। इस ऑडियो में पितलिया , कार्यकर्ता को ऊपर से दबाव आने की बात कह रहे थे। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद में पितलिया के नाम वापस लेने से चुनावी माहौल में गरमाहट आ गई। गौरतलब है कि पितलिया भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज हो गए थे और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था।


नामांकन उठाने से पहले लादू लाल पितलिया की अपने कार्यकर्ता किशन से २.२० मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान पितलिया ने कार्यकर्ता को नाम वापसी को लेकर बढ़ रहे दबाव को लेकर अपना दर्द बताया। पितलिया व कार्यकर्ता से हुई बातचीत के अंश निम्न प्रकार है। हालांकि पत्रिका सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो में आ रहा पितलिया की आवाज की पृष्टि नहीं करता है।


पितलिया: मोबाइल बंद राखयो उन तकलीफ, अठे तकलीफ दे दी यह लोग, अठे यह लोग इंजेक्शन लगायो वठू, एसयो करबो गलत, गलत नहीं करनो, अच्छो करनो, चुनाव लड़ो, जनता जो वोट देवे वो सही है। सर्व मान्य है, दबाने, मैने दबाने...

पितलिया: तकलीफ तो आई है भडे कुणी है

कार्यकर्ता: भडे जो मणक बैठया वो कहरया है कि मोबाइल बंद है कि मैं, कहयो कि मोबाइल तो बंद कोणी है।

पितलिया: हां, मोबाइल तो बंद हो, सही कहरया है, मैं अबाण ही चालू की दो, मैं, कहया आपण कार्यकर्ता , मेन मेन णे फोन कर लूं, कुल मिला कर तकलीफ दे दी, आप समझाओ बस,

कार्यकर्ता: पश्चे अब कही फार्म वापस उठी कही,

पितलिया: ऊपर , दबाव लाग रयो, फार्म उठाबा को दबाव लाग रहो, नीचे वू नहीं ऊपर वूं दबाव लाग रहयो, ए टू नीचे हूं, ऊपर हू फोर्स कर दियो है, चैनलवू चैनल, चैनल चैनल हैने, सीढ़ी पर चढ़ा, अठे चालू हुया नेताजी आपणे चुनाव जीत बा के लिए, मैने लादूलाल ने इन किसियाण, पूरा शरीर के कठे लगाए चाले, कंठ पकड़े तो आदमी को फेर कई, अठू धार नहीं पड्यो, अठे अनू कहता-कहता वह डायरेक्ट वह ऊपर , उठे कहने वो एम्पलाइ कराई है। ओ आदमी फार्म उठाए एक ही बात, हो बात की एक ही बात, बस, शाम दाम , चाहो जो लगा दो, राजनीति, जो भी हो, उन्होंने तकलीफ देना चालू की दी आपने।

कार्यकर्ता: वो दरभरिया है कि अब की बार लादूलाल जी को वर्चस्व ज्यादा हैगयो,

पितलिया: पाछे वापस २०२३ आजाए, जनता वाही से है, जनता कठे ही नही जाए, करा कई तकलीफ परिवार ने...

कार्यकर्ता: वाही की वाह बात आई,..२०२३ मे यह यू का यूही करी,दबाव देई,

पितलिया: नहीं नहीं...पछे न, पछे तो दबाव, पछे तो दबाव बर्दाश्त नहीं, जनता जवाब दे दे गदी, वोट तो जनता के हाथ में हैणे, जब परिवार में ही जब तकलीफ आ जाए तो किशन भाई पछे कांई करा,

कार्यकर्ता: सही बात है, आपणे तो परिवार पहले है


पितलिया: वो दो सौ सीटों के चुनाव अलग और यह चुनाव अलग है।

कार्यकर्ता: आपणे तो परिवार पहली

पितलिया: देखो, न्यूज आई कांई

कार्यकर्ता: आप बैंगलोर ही बिराज रहे हो क्या..

पितलिया: हां,अठे ही समझ लो

कार्यकर्ता: अच्छा,चलो ठीक,

पितलिया: न्यूज देख ली दी की

कार्यकर्ता: न्यूज देखी ना काल पेपर में, पेपर में, नहीं महारा वाट्सअप पर आयो, मैं कहयो कि यहा तो हैही नहीं सके, अबानू दुकान, कारखाना पर अबानू पांच दस जना आया, यह कह रिया एसायन की बात है, मैं क्यू नहीं हो सके,.. फोन लगाओ आप को फोन लगायो तो आप को फोन बंद आरयो

कार्यकर्ता: जो,ठीक हुक्म ध्यान राख जो

पितलिया: ठीक सा