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पीएम मोदी ने उदयपुर से मालासेरी के लिए भरी उड़ान

उदयपुर के डबोक हवाई अड्डे पर राज्य सरकार की तरफ से राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने आगवानी की। प्रधानमंत्री मोदी यहां से फिर मालासेरी डूंगरी के लिए रवाना हुए।
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भीलवाड़ा

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Tej Narayan Sharma

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Updated: 28 Jan 2023, 12:03 PM IST

PM MODI IN BHILWARA

PM MODI IN BHILWARA

भीलवाड़ा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार 11.05 बजे उदयपुर के डबोक हवाई हड्डे पर उतरे। यहां से विशेष विमान से 11.20 बजे मालासेरी के लिए उडान भरी। उदयपुर में करीब दस मिनट रहे। उदयपुर के डबोक हवाई अड्डे पर राज्य सरकार की तरफ से राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने आगवानी की। प्रधानमंत्री मोदी यहां से फिर मालासेरी डूंगरी के लिए रवाना हुए।


इससे पूर्व सुबह मालासेरी में राज्यपाल कलराज मिश्र पहुंचे। देर रात से ही लोगों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई थी।
चुनावी साल में पीएम मोदी का राजस्थान में यह पहला दौरा है। हालांकि मोदी के ऐसे दौरे आगे भी होते रहेंगे, लेकिन भगवान देवनारायण के प्राकट्योत्सव के समय पीएम मोदी का देवदर्शन दौरा अहम है। इस दौरे के राजनीतिक मायने भी माने जा रहे हैं। जानकारों के अनुसार पीएम मोदी के दौरे के पांच बड़े ये राजनीतिक मायने हो सकते हैं।

गुर्जरों को संदेश

भगवान देवनारायण की जन्मस्थली मंदिर मालासेरी के पुजारी हेमराज पोसवाल ने पिछले सालों के कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व अन्य को निमंत्रण भेजा, लेकिन वे नहीं आए। पीएम मोदी ने पुजारी का निमंत्रण स्वीकार कर यह संदेश दे दिया कि कई बार बुलाने पर वो नहीं आए, लेकिन मोदी बुलाते ही आ गए।

कांग्रेस से नाराजगी भुनाना

सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाने को लेकर गुर्जर समाज में कांग्रेस के प्रति भारी नाराजगी है। गुर्जर समाज के आराध्य देव की जन्मस्थली आकर मोदी संदेश देंगे कि वो हर वर्ग व समाज को साथ लेकर चलते हैं। उनका यह संदेश कांग्रेस की गुर्जरों से नाराजगी को भुनाने का रह सकता है।
सोशल इंजीनियरिंग
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जातीय समीकरण के अनुसार सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपनाया और राजस्थान में सरकार बनाई। अब भाजपा भी सोशल इंजीनियरिंग के अनुसार प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले समुदायों पर फोकस कर रही है। कुछ समय पहले पीएम मानगढ़ धाम आए थे। अब देवनारायण की जन्मस्थली मालासेरी के जरिए गुर्जर समाज को जोडऩे का बड़ा संदेश रहेगा।
चुनावी रणभेरी
राजस्थान में विधानसभा चुनावी साल में भाजपा के सबसे बड़े नेता मोदी के पहले दौरे को मिशन-2023 का आगाज माना जा रहा है। भाजपा पांच साल से सत्ता से बाहर है, इसलिए कोई मौका चूकना नहीं चाहती। सबसे बड़ी बात है कि भाजपा में मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं। यह भी माना जा रहा है कि भाजपा मोदी के चेहरे को ही आगे रखकर मैदान में उतरेगी।
किसान वर्ग को संदेश
राज्य में कांग्रेस सरकार कृषि व पशुपालन पर जोर देकर किसान वर्ग को लुभा रही है। इसी मद्देजनर भाजपा के एजेंडे में किसान वर्ग को प्राथमिकता देना है। भगवान देवनारायण किसान वर्ग व पशुपालकों के आराध्य देव है। आगामी दिनों में और भी कृषक व पशुपालन से जुड़े समाजों की रैलियां या सभाएं हो सकती है। भाजपा के अंदरूनी सर्वे में यह बात सामने आई कि कृषक जातियों को पार्टी से और ज्यादा जोड़ा जाना जरूरी है।