किशोरी से गैंगरेप के बाद हत्याकर शव को कोयले की भट्टी में झोंक देने के मामले में भीलवाड़ा पुलिस की लापरवाही सामने आई है। तलाश करने के बाद भी किशोरी नहीं मिलने पर बुधवार रात परिजन रिपोर्ट लेकर कोटड़ी थाना गए थे। लेकिन पुलिस ने परिजन के दर्द को हल्के में लिया और किशोरी की तलाशना तो दूर उन्हें थाने से टरका दिया। नतीजा यह रहा कि आरोपियों को किशोरी का शव जलाने का पूरा मौका मिला। पुलिस की ओर से समय पर तलाश की जाती तो सम्भवतया किशोरी का शव तो बरामद किया ही जा सकता था। आरोपियों ने किशोरी की जान तो दोपहर बाद ही ले ली थी, शव को डेरे में छिपा दिया था और शव को कोयले की भट्टी में जलाने के लिए रात होने का इंतजार किया। परिजन थाने से लौट रहे थे तो उनको जलती भट्टी नजर आई। जबकि थाने जाते समय भट्टी नहीं जल रही थी। बारिश के मौसम में भट्टी जलती देखकर परिजनों की शंका की सुई घूमी।