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गरीब का निवाला निगला, एक लाख का जुर्माना

मांडलगढ़ की इंदिरा रसोई में गड़बड़ी पकड़ी, फोटो से फोटो खींचने का आरोप, संस्था को काली सूची में डाला
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 12 Oct 2022, 10:01 AM IST

गरीब का निवाला निगला, एक लाख का जुर्माना

गरीब का निवाला निगला, एक लाख का जुर्माना

भीलवाड़ा. मांडलगढ़ नगर पालिका की एक इंदिरा रसोई के संचालक ने ज्यादा मुनाफे के लालच में गरीब की थाली भी नहीं छोड़ी। केशवरायपाटन की आइडियल पब्लिक एजुकेशन सोसायटी मांडलगढ़ में इंदिरा रसोई संख्या 196 का संचालन करती है। इसके संचालक ने तीन माह फर्जी कूपन काटकर लगभग 2.67 लाख का भुगतान सरकार से उठा लिया।

जांच में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर स्वायत्त शासन विभाग ने संस्था को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया। सोसायटी पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाया गया। इसकी वसूली निदेशालय स्तर से ऑनलाइन जनरेट बकाया बिल या जिला कलक्टर की ओर से पीडीआर एक्ट में की जाएगी। इस सोसायटी के नाम पर मांडलगढ़ में 2, भीलवाड़ा व गंगापुर में एक-एक रसोई है। ये चारों भी बंद होगी क्योंकि सोसायटी ही काली सूची में डाल दी गई।

विभाग के अनुसार, रसोई का कंप्यूटर ऑपरेटर फोटो से फोटो खींचता। 1 जुलाई से 30 सितम्बर तक लंच व डिनर के अलग-अलग एंगल से फोटो कर कूपन काटे। इसके बाद अलग अलग फर्जी नाम भर दिए। जांच में कई फोटो धुंधले मिले। इन्हें पहचाना नहीं जा सकता। कई फोटो एकदम काले थे।6 अक्टूबर को रेण्डम जांच में यह गड़बड़ी पकड़ी गई। मालूम हो, रसोई में थाली आठ रुपए में दी जाती है। हर थाली पर सरकार रसोई संचालक को 17 रुपए देती है। यानी थाली से संचालक को 25 रुपए मिलते हैं। अब मांडलगढ़ की इस रसोई के लिए नई संस्था चुनी जाएगी। तब तक इस रसोई को नगरपालिका चलाएगी।