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प्रधानमंत्री आवास योजना का सच : पहली किस्त मिली नहीं दूसरी खाते में डाल दी

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की पहली किस्त पाने के लिए 3 महीने से भटकना पड़ रहा है

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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की पहली किस्त पाने के लिए 3 महीने से भटकना पड़ रहा है लेकिन पहली किस्त अभी तक नहीं मिली।

बनेड़ा।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की पहली किस्त पाने के लिए 3 महीने से भटकना पड़ रहा है लेकिन पहली किस्त अभी तक नहीं मिली। वहीं दूसरी क़िस्त खाते में डाल दी गई। गलती से पहली किस्त किसी दूसरे खाते के अंदर डाल दी गई ।

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प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी घीसूं खां कायमखानी ने बताया कि 3 माह पहले सहायक सचिव ने मकान का कार्य शुरू करने की बात कही। वह बोला कि कच्चे मकान को गिरा कर पक्का मकान बनाने का कार्य शुरू होते ही पांच-छह दिन के अंदर पहली किस्त आ जाएगी। इस पर मैंने अपना कच्चा मकान गिरा दिया तथा पक्के मकान के निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया। लेकिन अभी तक पहली किस्त नहीं आई जिससे मकान का कार्य बीच में अधूरा ही रह गया। वहीं कच्चा मकान गिराने से अब रहने के भी लाले पड़ने लगे हैं। कड़ाके की सर्दी में छोटे छोटे बच्चों के साथ एक झोपड़ी में रहने को मजबूर हूं। लेकिन अभी तक को कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मेरी सुनवाई नहीं कर रहा है।

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कई बार बनेड़ा पंचायत समिति के भी चक्कर काटने के बावजूद मकान की पहली किस्त खाते में डालने की गुहार लगाई लेकिन तीन महीने बीत जाने पर भी पहली किस्त नहीं मिली। वही छोटे-छोटे बच्चों के साथ कड़ाके की सर्दी में झोपड़ी में दिन बिता रहा हूं। आवास प्रभारी संतोष छीपा ने बताया कि गलती से पहली किस्त किसी दूसरे खाते के अंदर डाल दी गई है। उसका संशोधन करके प्रार्थी के खाते में डाल दी जाएगी। इसमें करीब चार पांच माह का समय लग सकता है।

झोपड़ी में रहने की मजबूरी
खुद के पक्के आशियाना का संपना संजोए घीसू कान का कहना है क‍ि कड़ाके की सर्दी में छोटे छोटे बच्चों के साथ एक झोपड़ी में रहने को मजबूर हैै। कर्मचारियों की लापरवाही की सजा उसे व उसके परिजनों को भुगतनी पड़ रही है।