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निजी चिकित्सकों ने मनाया धिक्कार दिवस, निजी अस्पताल में इलाज के लिए भटके मरीज, सरकारी अस्पताल में रही लम्बी कतार

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Private Doctors celebrate the Damn day in bhilwara

Private Doctors celebrate the Damn day in bhilwara

भीलवाड़ा।

इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भीलवाड़ा के आह्वान पर निजी चिकित्सकों ने शनिवार को नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में धिक्कार दिवस मनाया। इस दौरान निजी अस्पताल में ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा गया। चिकित्सकों के कक्ष पर ताले लटके रहे। वहीं सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। हर चिकित्सक के कक्ष के बाहर लम्बी कतार लगी रही। दोपहर में निजी चिकित्सकों ने आईएमए पदाधिकारियों के साथ कलक्टे्रट पहुंच कर उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन दिया।

आईएमए अध्यक्ष डॉ. के के भण्डारी ने बताया कि निजी अस्पतालों में सुबह से ओपीडी नहीं चली। मरीज चिकित्सक को दिखाने के लिए अस्पताल पहुंचे। काफी देर तक इंतजार भी किया, लेकिन एक दिवसीय हड़ताल का पता चलने पर वहां से रवाना हो गए। हालांकि इमरजेंसी मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया। आईएमए पदाधिकारी और निजी चिकित्सक एमजीएच परिसर स्थित आईएमए हॉल में उपस्थित हुए। यहां चिकित्सकों की बैठक हुई। बैठक में सचिव डॉ. फरियाद मोहम्मद ने प्रस्तावित बिल की कठोर वास्तविकता से चिकित्सकों को अवगत कराते हुए बताया कि यह बिल गरीब विरोधी, अमीरों का हितैषी, संघीय ढांचे के विरूद्ध और चिकित्सक जगत के लिए नुकसान दायक है। इसके लिए आईएमए वर्ष-2017 से प्रयासरत है। लेकिन फिर भी सरकार संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को दरकिनार कर बिल पारित करने पर आमदा है।

बैठक में डॉ. केके भण्डारी, डॉ. जीके मिश्रा, डॉ. कैलाश काबरा, डॉ. एमपी अग्रवाल, डॉ. जेपी भदादा, डॉ. दुष्यंत शर्मा, डॉ. कुलदीप नाथावत, डॉ. प्रशांत आगाल, डॉ. पवन ओला, डॉ. प्रकाश शर्मा, डॉ. संगीता काबरा, डॉ. आलोक मित्तल, डॉ. आरएस सोमाणी, डॉ. अजय माथुर व डॉ. महेश गर्ग ने भी सम्बोधित किया। उसके बाद चिकित्सक बस में सवार होकर कलक्टे्रट पहुंचे वहां प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा गया।

डेढ़ हजार ओपीड़ी, लम्बी रही कतार

निजी अस्पताल में ओपीडी बंद होने से मरीजों की संख्या महात्मा गांधी अस्पतालन में बढ़ गई। यहां चिकित्सक के कमरों के बाहर लम्बी कतार लग गई। एक ही दिन में डेढ़ हजार मरीज एमजीएच पहुंचे। मरीजों को घण्टों बारी का इंतजार करना पड़ा। कई लोग तो लाइन देखकर रवाना हो गए।

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