
पंचायती राज विभाग में पदोन्नति की बहार, 28 बने अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी
राज्य सरकार ने पंचायती राज विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को होली के बाद पदोन्नति की बड़ी सौगात दी है। विभाग ने नॉन-टीएसपी क्षेत्र में कार्यरत सहायक प्रशासनिक अधिकारियों की लंबे समय से प्रतीक्षित डीपीसी की सिफारिशों पर मुहर लगा दी है। इसके तहत प्रदेशभर के 211 कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पद पर प्रमोट किया गया है। पदोन्नति की इस सूची में भीलवाड़ा जिले के 28 कार्मिक शामिल हैं, जिससे जिले के प्रशासनिक हलके में हर्ष की लहर है।
शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, यह पदोन्नति राजस्थान पंचायती राज नियम-1996 एवं राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिकवर्गीय सेवा नियम-1999 के प्रावधानों के तहत की गई है। पदोन्नत अधिकारियों को अब पे-मैट्रिक्स लेवल-11 का आर्थिक लाभ मिलेगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नत किए गए सभी अधिकारियों को अपने वर्तमान पद को ही अस्थाई रूप से क्रमोन्नत मानते हुए आगामी 2 अप्रेल तक संबंधित मुख्य कार्यकारी अधिकारी या विकास अधिकारी के समक्ष कार्यभार ग्रहण करना होगा। यदि कोई कार्मिक तय समय सीमा में पदभार ग्रहण नहीं करता है, तो यह माना जाएगा कि उसने पदोन्नति का परित्याग कर दिया है।
विभाग ने पदोन्नति में 'संतान संबंधी नियम' को कड़ाई से लागू किया है। इसके अनुसार: जिन कार्मिकों के 1 जून 2002 या उसके बाद दो से अधिक संतानें हैं, उनके वेतन निर्धारण में 3 साल की काल्पनिक वृद्धि का प्रावधान रहेगा। ऐसे कार्मिकों को तीन साल तक वार्षिक वेतन वृद्धि का वास्तविक नकद लाभ नहीं मिलेगा, केवल गणना की जाएगी। पदोन्नति का वास्तविक आर्थिक लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से ही देय होगा।
पदोन्नत हुए इन अधिकारियों के नवीन पदस्थापन के आदेश अलग से जारी होंगे। फिलहाल इन्हें वर्तमान स्थान पर ही जॉइनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं। पे-मैट्रिक्स लेवल-11 का मिलेगा लाभ, संतान संबंधी नियम का रखना होगा ध्यान
चंद्रभान सिंह भाटी, सीईओ, जिला परिषद भीलवाड़ा
Updated on:
26 Mar 2026 09:32 am
Published on:
26 Mar 2026 09:32 am
