
Public representatives got angry on the streets of Bhilwara...
भीलवाड़ा। जिले में सड़कों की हालत खस्ताहाल है, शुक्र है इस बार बारिश जमकर नहीं बरसी वरना ग्रामीण अंचल के हालात क्या होते यह नहीं कहा जा सकता। जिला परिषद की बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित साधारण सभा में विधायकों, जिला परिषद सदस्य व प्रधानों ने यह पीड़ा जताई। Public representatives got angry on the streets of Bhilwara...
जनप्रतिनिधियों के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज तृतीय के अन्तर्गत निर्मित सड़कों के हालात पर सवाल उठाने पर जिला कलक्टर शिवप्रसाद नकाते ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आडे हाथों लिया और अधीक्षण अभियंता को चेताया कि लापरवाह अभियंताओं को नहीं बख्शे और उन्हेंं चार्ज शीट थमाए। इतना ही नहीं संबधित निर्माण एजेंसी को भी ब्लेक लिस्टेट करें। करीब दो घंटे चली बैठक में मांडलगढ़, आसीन्द, जहाजपुर व शाहपुरा विधानसभा क्षेत्र की सड़कों के हालात और नई सड़कों के निर्माण पर चर्चा हुई। जिला आयोजना समिति की हुई बैठक में प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।
सड़कों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
जिला प्रमुख बरजी भील, सांसद सुभाष बहेडिय़ा के सानिध्य में हुई बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामचन्द्र बैरवा ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज तृतीय के अन्तर्गत निर्मित सड़कों व प्रस्तावित कार्यों का प्रतिवेदन पेश किया। सभा के दौरान सुवाणा से कोदूकोटा, बडलियास व महुआ मार्ग की सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर क्षेत्र के सदस्यों ने नाराजगी जताई। इसी प्रकार बदनोर,आकडसादा रोड की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे।
सड़कें टूटी, गढड्डों में तब्दील, ट्रेफिक डांवाडोल
मांडलगढ़ क्षेत्र में सिंगोली मार्ग पर बढ़ते यात्री दबाव व क्षेत्र में धार्मिक स्थल होने के बावजूद सड़क मार्ग के ठीक नहीं होने पर सदस्यों ने रोष जताया। उनका कहना था कि मार्ग की पुलिया करीब क्षतिग्रस्त है और कई हिस्सों में सड़क की दशा भी ठीक नहीं है। इसी प्रकार जोजवा रोड को लेकर भी सदस्यों ने सवाल उठाए, कोटड़ी मार्ग की भी योजना के तहत बनी सड़कों के रखरखाव को लेकर अधिकारियों के गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया। तिलोली रोड की हालत सुधारने की भी मांग उठी
डीएमएफटी की नहीं हो रही बैठक
मांडलगढ़ विधायक गोपाल खण्डेलवाल ने कहा कि जिले में डीएमएफटी फंड की राशि का दुरुपयोग हो रहा है। योजना के तहत बनी सड़कों की गुणवत्ता ठीक नहीं है। उन्होंने जिले में योजना के तहत बनी सड़कों का थर्ड पार्टी से सर्वे कराने और सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए विशेष बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्हें विधायक बनें तीन साल होने आए है, लेकिन डीएमएफटी की एक भी बैठक आयोजित नहीं हुई। उनका कहना था कि अभी तक बैठकों की तारीख ही तय होती आई है, लेकिन साथ में बैठक स्थगित होने की सूचना भी आती रही।
अकसर रहता है जाम
जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने कहाकि जहाजपुर क्षेत्र में सड़कों की हालत ठीक नहीं है, कई हिस्सों में उधड़ी हुई है। रोपा मार्ग पर अकसर जाम के हालात रहते है। उन्होंने सड़कों की समीक्षा के लिए कार्ययोजना बनाने और अधिकारियों को समय समय पर उसकी समीक्षा करते हुए गांवों का दौरा करने की बात कही।
प्रशासन गांवों के संग की नहीं सूचना
सदस्यों की शिकायत थी कि जिले में दो अक्टूबर से प्रशासन गांवों के संग अभियान शुरू हो रहा है, लेकिन जिला परिषद सदस्यों व प्रधानों को इसकी विभागीय स्तर पर जानकारी नहीं है। कलक्टर नकाते ने इस पर विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह सभी सदस्यों को इस संदर्भ में अवगत कराएंगे। सभा में जिले में पटवारियों की कमी से राजस्व कार्यों के अटके होने पर भी सदस्यों ने चिंता जताई।
किसानों को नहीं मिल रहा मुआवजा
कोटड़ी प्रधान करण सिंह कानावत ने आरोप लगाया कि जिले में अच्छी बारिश नहीं होने से कई गांवों में खराबा हुआ है। किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर भाजपा एसडीएम मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दे रही है। इसके बावजूद मुआवजा नहीं मिल रहा है। कलक्टर नकाते ने स्पष्ट किया कि बारिश ठीक नहीं होने की शिकायतों के आधार पर कई हिस्सों में गिरदावरी की जा चुकी है। फसल कटाई के प्रयोग व अतिवृष्टि या अनावृष्टि की रिपोर्ट पर प्रभावितों को २५ फीसदी मुआवजा दिया जा रहा है। दो सौ पटवार मंडलों के प्रस्ताव सरकार को भेजे जा चुके है।
इन्होंने ने भी रखे मुद्दे
बैठक में उप जिला प्रमुख शंकर गुर्जर, जिला परिषद सदस्य शांता गुर्जर, पारसमल जीनगर, मीठू बैरवा, कंकू, बलवीर सिंह, शारदा पूर्बिया व अशोक तलाइच तथा प्रधान शंकर कुमावत, सीता गुर्जर, कृष्णसिंह राठौड़, मुन्ना कंवर, एश्वर्या रावत व सीता खटीक आदि ने भी क्षेत्र की सड़कों के हाल बताए।
सिर्फ दो विधायक मौजूद
साधारण सभा में कांग्रेस के दोनों विधायक मौजूद नहीं थे, वहीं भाजपा के भी पांच में से दो विधायक मौजूद थे। आसींद विधायक जब्बर सिंह की तरफ से शिकायत सामने आई की उन्हें समय पर बैठक की सूचना नहीं दी गई। बैठक में एडीएम प्रशासन राजेश गोयल तथा अधिकारी गण मौजूद थे।
Published on:
30 Sept 2021 10:02 am
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