
Rain in bhilwara
भीलवाड़ा।
जिले में बरसात हुए सात दिन हो गए। सिंचाई विभाग की मानें तो अभी तीन दिन और बदरा नहीं बरसेंगे।
इस बार 2 अगस्त तक बारिश का आंकड़ा 51 प्रतिशत पार हो गया लेकिन तालाबों में मात्र 12 प्रतिशत पानी ही जमा हो सका। गत साल इसी दिन 56 प्रतिशत बारिश हुई थी, जिससे तालाबों में लगभग 24 प्रतिशत पानी आ चुका था।
सिंचाई विभाग के अनुसार, सोमवार तक जिले में सूखा रहने की संभावना है।
बारिश नहीं हुई तो कुछ फसलों को नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता है। 2 अगस्त 2017 को जिले में 56.09 प्रतिशत बारिश हुई थी। तब जिले के तालाबों व बांधों में 24 प्रतिशत पानी आ गया था लेकिन इस साल 2 अगस्त तक तालाबों में महज 12.52 प्रतिशत पानी ही आया। इसकी मुख्य वजह जिले में खंड बारिश का होना माना जा रहा है।
जिले में पिछले साल से इस बार बारिश की तुलना
क्षेत्र 2 अगस्त 17 2 अगस्त 18
आसीन्द 299 243
बदनोर 360 330
बनेड़ा 419 452
भीलवाड़ा 311 315
हमीरगढ़ 350 293
हुरड़ा 458 300
जहाजपुर 373 248
कोटड़ी 272 478
माण्डल 429 327
करेड़ा 482 295
माण्डलगढ़ 270 381
रायपुर 690 538
सहाड़ा 361 372
शाहपुरा 198 314
फूलियाकला 267 218
बिजौलियां 285 223
बांधों की स्थिति
जिले में 2 अगस्त 2017 को मेजा बांध में 13.7 फीट पानी था। अब मात्र 5.10 फीट है। कोठारी में गए साल 11.32 फीट तथा अभी 10.17 फीट पानी है। खारी नदी इस बार भी सूखी है। सरेरी बांध में 7.60 फीट पानी की आवक हो चुकी है जबकि पिछले साल 3.5 फीट पानी था। गोवटा बांध पर चादर चल रही है। बीतेे साल 25 फीट पानी ही था।
गोवटा बांध पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र
मांडलगढ़। जिले में सबसे पहले भरने वाला गोवटा बांध पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। जिले सहित आसपास के जिलों के लोगों के लिए रमणीक स्थल बन गया है। गत दिनों में हुई तेज बरसात के साथ ही गोवटा पर चादर चल रही है। इसके साथ ही जंगल की हरियाली एवं खूबसूरत नजारे की सुंदरता लोगों को अपने मोह पाश में बांध कर यहां खींच रही है। रविवार को छुट्टी होने के साथ ही मौसम सुहाना होने से पर्यटकों की ज्यादा भीड़ रही। हजारों पर्यटक पहुंचे गोवटा मांडलगढ़ क्षेत्र की खूबसूरत वादियां, बांध, झरने एवं जंगली नालों में बहता पानी यहां तीन माह के लिए लोगों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है।
Published on:
05 Aug 2018 01:46 pm
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