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आइसक्रीम के धंधे से काम भी…पलायन भी, सवाईभोज मंदिर से बढ़े धार्मिक पर्यटन

भीलवाड़ा से मैंने रुख किया सहाड़ा विधानसभा की ओर। गंगापुर और रायपुर दरअसल इस विधानसभा के बड़े कस्बे हैं। सहाड़ा का सिर्फ नाम ही है। रोजगार के लिए पलायन यहां की गंभीर समस्या है।

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पंकज श्रीवास्तव

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा से मैंने रुख किया सहाड़ा विधानसभा की ओर। गंगापुर और रायपुर दरअसल इस विधानसभा के बड़े कस्बे हैं। सहाड़ा का सिर्फ नाम ही है। रोजगार के लिए पलायन यहां की गंभीर समस्या है। आश्चर्य की बात ये है कि आइसक्रीम के कारोबार ने यहां लोगों को काम भी दिया और पलायन के लिए मजबूर भी किया है। आइसक्रीम की सजावटी ट्रॉलियां-टेम्पो तैयार करने से रोजगार पनपा है तो इन्हीं को लेकर यहां के सैकड़ों युवा देश के कोने-कोने में आइसक्रीम बेचने के लिए पलायन करते हैं।गंगापुर में आइसक्रीम लॉरियां डेकोरेशन से जुड़े व्यवसायी कैलाश बताते हैं कि करीब 100 दुकानें हैं यहां। हर सीजन में यहां से 10 से 12 हजार लॉरियां व टेम्पो सजकर निकलते हैं। आधे से ज्यादा तो आस-पास के युवा ही लेकर देशभर में जाते हैं।बस स्टैंड पर मिले व्यवसायी नंदकिशोर तेली ने बताया कि पहले एक मिल चलती थी वो भी बंद हो गई। हर माह कर्मचारियों को 40 लाख रुपए से ज्यादा का वेतन बंटता था। वो पैसा बाजार में आता था। मिल बंद हो गई, नया उद्योग कोई आया नहीं।