
Kachori and Samosa (Patrika Photo)
Kachori and Samosa: भीलवाड़ा: अगर आप कचौरी और समोसे खाने के शौकीन हैं तो यह खबर आपके के लिए महत्वपूर्ण है। इसे पढ़ने के बाद सावधान होने की जरूरत है।
दरअसल, होटल, रेस्टोरेस्ट या थड़ी पर बन रही कचौरी-समोसे बनाने में काले का तेल प्रयोग किया जा रहा है। काले तेल से बने उत्पादों के लंबे समय तक सेवन से हार्ट अटैक, नसों में ब्लॉकेज, लकवा व पेट संबंधी बीमारियां जन्म ले रही हैं। महात्मा गांधी चिकित्सालय में प्रतिदिन ऐसे 200 से 250 मरीज आ रहे हैं। यह कोलेस्ट्रॉल, बीपी, हार्ट की बीमारी से ग्रसित हैं। हर चौथे पांचवें मरीज को तो फैटी लीवर हो रहा है।
एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से वह जलता है। काले और जले हुए तेल में बनाई खाद्य सामग्री कई तरह की बीमारियां फैलाती है। इससे हार्ट अटैक, नसों के ब्लॉकेज, लकवा तक होता है। इसी जले हुए तेल में बना खाना खाते हैं तो यह फैट खाने में चिपककर सेहत को नुकसान पहुंचाता है।
यह तेल शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ा देता है। फेट से मोटापा बढ़ने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। प्रतिदिन इन बीमारियों से ग्रसित रोगी नियमित रूप से आ रहे हैं।
-डॉ. आलोक मित्तल, वरिष्ठ फिजिशियन
चिकित्सकों के अनुसार, बार-बार एक ही तेल उपयोग में लेते हैं तो उसमें फ्री रेडिकल्स बनता है, जो आगे चलकर घातक बीमारियों को बुलावा देते हैं। तेल को बार-बार गर्म करने से उसकी खुशबू के साथ उसका प्रभाव भी खत्म हो जाता है। इसी वजह से तेल में फैट जमने लगता और तेल का रंग काला पड़ जाता है।
इसी जले हुए तेल में बना खाना खाते हैं तो यह फेट खाने में चिपककर सेहत को नुकसान पहुंचाती है। विषैले तत्व रसायन बनने लगते हैं। जो अपच और पेट दर्द जैसी समस्या पैदा करते है। डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। स्किन रोग भी जन्म लेते हैं।
Updated on:
01 Aug 2025 12:35 pm
Published on:
01 Aug 2025 12:34 pm
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