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Opinion : अब पेश करें राहत की मिसाल

माननीयों की बारी, अब नहीं चलेगा बहाना, विधायकों को एक दिन का समय भी व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। पहले 100 दिन का लक्ष्य निर्धारित कर जनता को राहत देने की मिसाल पेश करनी चाहिए।  

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Opinion : अब पेश करें राहत की मिसाल

Opinion : अब पेश करें राहत की मिसाल

कानाराम मुण्डियार

विधानसभा चुनाव में नई सरकार चुनने के बाद भीलवाड़ा व सरकार के बीच अब कोई कड़ी अधूरी नहीं रही है। शहर से लेकर राज्य व केन्द्र तक सभी कडि़यां जुड़ गई है। इसलिए अब जनता को अपने सपने पूरे करने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई सरकार की शपथ के साथ ही नवनिर्वाचित विधायकों की जिम्मेदारी होगी कि चुनाव में जनता से जो वादे किए हैं, उनको प्राथमिकता से पूरे करने की शुरुआत करें। विधायकों को एक दिन का समय भी व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। पहले 100 दिन का लक्ष्य निर्धारित कर जनता को राहत देने की मिसाल पेश करनी चाहिए।

भीलवाड़ा-शाहपुरा जिले की जनता ने इस बार भी जनप्रतिनिधियों की झोली में वोटों की बरसात की है। एक निर्दलीय के साथ सभी विधायक भाजपा से जीते हैं। प्रदेश में सरकार भी भाजपा की बन रही है। केन्द्र में भाजपा की सरकार है। इसलिए अब यह बहाना नहीं चलेगा कि राज्य व केन्द्र सरकार से सहयोग नहीं मिल रहा है या सरकार में सुनवाई नहीं हो रही। अब तो बस जनता के काम करने की गति विधायकों को ही दिखानी होगी। भीलवाड़ा, शाहपुरा जिले के कई सपने हैं, जो अधूरे है। भीलवाड़ा शहर के कई सपने पिछले कई सालों से अटके हैं। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा रेलवे लाइन पर एक और ओवरब्रिज बनाने का है। दूसरा बड़ा मुद्दा मल्टीस्टोरी आवासीय योजनाओं व निजी कॉलोनियों में एक लाख से अधिक लोगों तक चम्बल का पानी पहुँचाने का है।

राजस्थान पत्रिका ने भीलवाड़ा-शाहपुरा जिले के बड़े मुद्दों को उठाकर जनता की आवाज बुलंद की है। भीलवाड़ा शहर के साथ अन्य विधानसभाओं के अपने-अपने मुद्दे व सपने हैं। वो तमाम सपने पूरे करने के लिए जनप्रतिनिधि जवाबदेह है। चुनाव में जनता के बड़े मुद्दों को प्रत्याशियों ने अपने संकल्प पत्र व प्रतिबद्धता पत्रों में शामिल किया था। चुनाव जीत के साथ ही अब संकल्प व प्रतिबद्धता निभाने का समय आ गया है।

सरकारी कार्यालयों में अफसरों की सुस्त चाल को भी बदलना होगा। जो अफसर जनता के कामों को टरका व अटका रहे थे, ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करवानी होगी। जो राजनीतिक रसूखात के दखल से लम्बे समय तक एक ही जगह पोस्टिंग लेकर बैठे हैं, उन्हें जिले से बाहर करना होगा। कार्यालयों में जनता की समस्या समाधान व सेवा कार्य में सुनवाई की गारंटी व जवाबदेही प्रभावी करनी होगी।

विधानसभा चुनाव में भीलवाड़ा जिले में शहर से अशोक कोठारी, शाहपुरा से लालाराम बैरवा, मांडल से उदयलाल भडाणा, सहाड़ा से लादूलाल पितलिया पहली बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। इन नए चेहरों में भरपूर नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। जहाजपुर से गोपीचंद मीणा, आसींद से जब्बरसिंह सांखला, मांडलगढ़ से गोपाललाल शर्मा दुबारा विधायक बने हैं। इनके पास काम करने का पुराना अनुभव है। ऐसे में भीलवाड़ा-शाहपुरा जिले के सभी क्षेत्रों में अब विकास की कोई कमी नहीं रह सकती। उम्मीद है कि सभी क्षेत्रों में पारदर्शी माहौल बनेगा और जनता को राहत देने वाले कोई कार्य नहीं अटकेंगे।

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