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23 जिलों में बनेंगे 50 से 100 बैड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल

राजस्थान में चिकित्सा सुविधा बढाने के लिए प्रदेश के 23 जिला मुख्यालय पर 50 से 100 बैड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल बनेंगे।

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23 जिलों में बनेंगे 50 से 100 बैड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल

23 जिलों में बनेंगे 50 से 100 बैड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल

राजस्थान में चिकित्सा सुविधा बढाने के लिए प्रदेश के 23 जिला मुख्यालय पर 50 से 100 बैड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल बनेंगे। इसके लिए राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी ने 608.50 करोड़ का बजट जारी किया है।

इनमें हृदय रोग, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियोंं का इलाज मिलेगा। क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल में गंभीर रूप से बीमार रोगी या घायल को अनुभवी डॉक्टरों की देखरेख में उच्च तकनीक वाले उपकरणों से इलाज किया जाएगा। हॉस्पिटल भवन के लिए जयपुर की टीम हर जिले का दौरा करेगी। भीलवाड़ा में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के लिए 23.75 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यह महात्मा गांधी चिकित्सालय में बनाया जाएगा। क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल बनने के बाद गंभीर रूप से बीमार या दुर्घटना में घायल होने से गंभीर रोगियों को हायर सेंटर रैफर नहीं करना पड़ेगा। गंभीर रोगी को बाहर रैफर करने के दौरान उसकी हालत और बिगड़ने, कई बार सांसें उखड़ने का खतरा रहता था।

इन जिलों में बनेंगे क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल

आदेश के अनुसार झुंझुनूं, सिरोही, बारां, करोली, कोटा, बीकानेर, भरतपुर, नागौर, सवाईमाधोपुर, बूंदी, जैसलमेर, डूंगरपुर, पाली, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, धोलपुर, टोंक, बाडमेर, चूरू, सीकर तथा झालावाड़ शामिल है।


आधुनिक जांच उपकरण भी खरीदेंगे

हॉस्पिटल जारी बजट में 608.50 करोड़ का बजट जारी किया। इसमें 424.25 करोड़ सिविल कार्य के लिए तथा 184.25 करोड़ उपकरण के लिए मिलेंगे। भीलवाड़ा के लिए 16.63 करोड़ सिविल वर्क व 7.12 करोड़ उपकरण खरीदने को दिए जाएंगे। इसमें आधुनिक जांच उपकरण लगाए जाएंगे।

जमीन की आवश्यकता रहेगी
जिला मुख्यालय पर अस्पताल में 210 बैड का नया अस्पताल भवन लगभग तैयार है। ट्रोमा सेन्टर का काम चल रहा है। अन्य कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। अस्पताल के मास्टर प्लान के आधार पर साइकिल स्टैंड के लिए भी जगह चिन्हित कर रखी है। अब क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के लिए अलग से जमीन की आवश्यकता होगी। इसके लिए एमजीएच में जगह तलाशी जा रही है।


बढ़ेगा चिकित्सा सुविधा का दायरा
अगले कुछ समय में जिला मुख्यालय पर चिकित्सा सुविधाओं का दायरा बढ़ेगा। मेडिकल कॉलेज के बाद यहां न केवल चिकित्सकों की संख्या बढ़ी, बल्कि जिन गंभीर मरीजों व घायलों को हायर सेंटर रैफर करना पड़ता है, वो क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का निर्माण होने के बाद बंद हो जाएगा। इस संबंध में पत्र भी मिल गया है।
डॉ. अरुण गौड़, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज