
भीलवाड़ा।
राज्य में फिर चुनाव की बिगुल बजने की तैयारी है, लोग आगामी सरकार चुनने के लिए अपना मूड बनाने लगे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पूर्व राजस्थान पत्रिका ने सरकार, विपक्ष, विधायक एवं सरकार पर भाजपा की पकड़, मौजूदा सरकार के कामकाज से खुश या ना खुश, राजस्थान में तीसरे मोर्चे की जरूरत आदि विषयों पर जनता की राय जानी। सर्वे में जिले के 60 फीसदी से ज्यादा लोगों ने सरकार के कामकाज पर ना खुशी जाहिर की तो इतने ही लोग अपने वर्तमान विधायक से भी असंतुष्ट नजर आए। लगभग 57 फीसदी से ज्यादा लोग विपक्ष की भूमिका से भी संतुष्ट नहीं दिखे।
भीलवाड़ा जिले की 7 विधानसभा क्षेत्रों में जनता की राय कमोबेश समान ही दिखी। सर्वे में 60 प्रतिशत लोग वर्तमान विधायकों के कामकाज से खुश नजर नहीं आए। जबकि विपक्ष के विधायक 60 प्रतिशत जनता की उम्मीदों पर खरा उतरते दिखे। ज्यादातर लोग अपने विधायकों को फिर मौका देने को भी तैयार नहीं दिखे। लोगों की राय थी कि इस बार उनके क्षेत्र से कोई नया चेहरा विधायक चुना जाए।
सरकार के कामकाज से भी खुश नहीं
राज्य सरकार का चार साल का कार्यकाल बीत गया, लेकिन करीब 60 फीसदी लोग सरकार के कामकाज से खुश नहीं दिखे। ज्यादातर लोगों का कहना था कि मौजूदा सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाई। यही कारण है कि आधे से अधिक लोग वर्तमान को फिर से मौका देने को तैयार नहीं है। इतना ही नहीं करीब 60 फीसदी लोग आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार बदलने का मानस रखते हैं।
भाजपा के मुताबिक नहीं चली सरकार
लोगों की राय में भाजपा उनकी उम्मीदों के अनुसार सरकार नहीं चला पाई। ऐसी सोच रखने वाले लोगों की संख्या भी करीब 60 फीसदी रही। वहीं करीब 75 फीसदी लोगों का मानना था कि सरकार पर भाजपा का पूरा नियंत्रण नहीं रहा। वहीं कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में भाजपा की मौजूदा सरकार को बेहतर मानने वालों का प्रतिशत 40 फीसदी से भी कम रहा। यही कारण है कि ज्यादातर लोग भाजपा को पुन: सरकार बनाने का अवसर देने को तैयार नहीं है।
कांग्रेस भी नहीं निभा पाई विपक्ष की भूमिका
सर्वे में सरकार के कामकाज से असंतुष्ट लोगों के साथ ही कांग्रेस की ओर से विपक्ष की भूमिका अपेक्षा अनुसार नहीं निभा पाने की राय रखने वालों की संख्या भी आधी से ज्यादा है। लगभग 70 फीसदी लोगों की नजर में कांग्रेस विपक्ष की अनुकूल भूमिका नहीं निभा पाई। वहीं विपक्ष के रूप में जनता के मुद्दों को लेकर भी कांग्रेस सक्रियता नहीं दिखा पाई। हालांकि राज्य में कांग्रेस को पुन: सरकार बनाने का मौका देने वालों की संख्या करीब 50 प्रतिशत रही। वहीं कांग्रेस की सरकार को भाजपा की सरकार से बेहतर बताने वालों की संख्या भी करीब 52 फीसदी रही।
गैर राजनीतिक व्यक्तियों को आगे आने की जरूरत
भाजपा सरकार के कामकाज से असंतुष्ट एवं कांग्रेस के सशक्त विपक्ष की भूमिका नहीं निभा पाने के बावजूद जिले के करीब 56 प्रतिशत लोग प्रदेश में तीसरे विकल्प की भूमिका नकारते दिखे। करीब 65 प्रतिशत लोग तीसरे मोर्चे की संभावना बनने पर उसे प्राथमिकता देने को तैयार नहीं लगते। लेकिन राजनीतिक व्यवस्था में सुधार के लिए गैर राजनीतिक व्यक्तियों को आगे आने की जरूरत बताने वाले लोगों की संख्या करीब 65 प्रतिशत रही।
Published on:
01 Apr 2018 03:07 pm
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