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रक्षाबंधन: भीलवाड़ा में बरसा बहनों का प्यार….10 करोड़ के कारोबार से बाजार गुलजार

- जमकर खरीदारी : राखी, मिठाई, नारियल और गिफ्ट शॉप पर रही भीड़ - चाइनिज से ज्यादा लोकल राखियों को किया ज्यादा पसंद

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Rakshabandhan: Sisters' love showered in Bhilwara.... Market boomed with business worth 10 crores

Rakshabandhan: Sisters' love showered in Bhilwara.... Market boomed with business worth 10 crores

भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व इस बार भीलवाड़ा के बाजारों में खुशियों और रौनक का संदेश लेकर आया। पर्व से एक दिन पहले शुक्रवार को पूरे दिन जमकर खरीदारी हुई। बहनों ने भाइयों की कलाई सजाने के लिए राखियां खरीदी। मिठाई, गिफ्ट, पूजा सामग्री और नारियल की भी खूब बिक्री हुई। अनुमान है कि शहर में करीब 10 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। इनमें राखियां, मोबाइल, सोने-चांदी की राखी, कपड़े व गिफ्ट आइटम शामिल है। देर रात तक बाजार में खरीदारी का दौर चलता रहा। शनिवार को रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। इस बार भद्रा नहीं होने के कारण पूरे दिन भाई की कलाई सजाई जा सकेगी।

राखी से मिठाई तक, बाजार में रही रौनक

सुबह से ही मुख्य बाजारों, मॉल्स और गिफ्ट शॉप पर भीड़ उमड़ी। राखी के स्टॉल से लेकर मिठाई की दुकानों पर लंबी कतार देखी गई। चांदी की राखियां 100 से 1000 रुपए तक और सोने की राखियां 1000 से 20,000 रुपए तक बिकती रहीं। बच्चों में लाइट और म्यूजिक वाली राखियों का क्रेज रहा जबकि बड़ों के लिए पारंपरिक और डिजाइनर राखियों की मांग ज्यादा रही।

इन राखियों की खास मांग

इस बार बाजार में महाकाल, खाटूश्याम, शिवलिंग, ब्रेसलेट राखी, पीएम नरेंद्र मोदी थीम, पबजी राखी, आजादी का अमृत महोत्सव डिज़ाइन, म्यूजिक व लाइटिंग राखियां, कार्टून कैरेक्टर राखियां और 24 कैरेट सोने की राखियां आकर्षण का केंद्र रहीं। नवविवाहिताओं ने पहली राखी पर भाइयों के लिए महंगी सोने-चांदी की ब्रेसलेट राखियां और रत्न जड़ित डिज़ाइनर राखियां खरीदीं।

500 से अधिक दुकानों पर सजी राखियां

शहर में 500 से अधिक स्थायी व अस्थाई दुकानों पर रंग-बिरंगी राखियां सजीं। आजाद चौक, गोल प्याऊ चौराहा, महाराणा टॉकीज, सरकारी दरवाजा, मुख्य बाजार, बाजार नंबर तीन और एलएनटी रोड, आरसी व्यास कॉलोनी, सुभाषनगर, आजादनगर, शास्त्रीनगर जैसे प्रमुख स्थानों पर खरीददारों की भीड़ दिनभर बनी रही। इस बार चाइनीज राखियों की बजाय लोकल राखियों को अधिक पसंद किया गया, जिससे स्थानीय कारीगरों के चेहरे पर भी मुस्कान आई।

पूजा सामग्री और नारियल की भी हुई भारी बिक्री

राखी के साथ पूजा के थालियों और कॉम्बो पैक की बिक्री भी खूब हुई। फुटपाथ और हाथ ठेलों पर नारियल के ढेर सजे रहे। यहां बहनों ने बड़ी संख्या में खरीदारी की। कपड़ों, सौंदर्य प्रसाधनों और मिठाई की दुकानों पर भी खासा जमावड़ा रहा। फल विक्रेताओं की बिक्री भी पर्व के कारण बढ़ी। व्यापारी संघ के सदस्यों का कहना है कि इस बार बिक्री पिछले साल की तुलना में अधिक रही और माहौल पूरी तरह उत्सवमय रहा।