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नई जिन्दगी मिलने की आस में रोजाना मौत से लड़ रहा है रमाशंकर

देवरिया ग्राम में रहने वाला रमाशंकर नई जिन्दगी मिलने की आस में पिछले साढे चार वर्षों से रोजाना मौत से लड़ रहा है

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जिले की रायपुर तहसील के देवरिया ग्राम में रहने वाला रमाशंकर शर्मा (37) नई जिन्दगी मिलने की आस में पिछले साढे चार वर्षों से रोजाना मौत से लड़ रहा है।

भीलवाड़ा।
जिले की रायपुर तहसील के देवरिया ग्राम में रहने वाला रमाशंकर शर्मा (37) नई जिन्दगी मिलने की आस में पिछले साढे चार वर्षों से रोजाना मौत से लड़ रहा है। साढे़ चार साल पहले हाइपरटेंशन होने से रमाशंकर की दोनों किडनिया खराब हो गई थी। नई जिन्दगी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे रमाशंकर के इलाज के लिए पिता दुर्गाप्रसाद शर्मा ने अपना सब कुछ खर्च कर दिया।

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जयपुर व अहमदाबाद के डॉक्टरों का कहना है कि उसे किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है और इसमें करीब 15 लाख रुपए का खर्चा आएगा। एक बार अगर किडनी ट्रांसप्लांट हो जाए तो रमाशंकर की जिन्दगी संवर जाएगी।

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इलाज में पिता की पेंशन पूरी, कैसे चलाएं घर खर्च
रमाशंकर के पिता सेवानिवृत अध्यापक हैं। उन्हें प्रतिमाह जो पंेशन मिलती है वह इलाज में ही खर्च हो जाती है। एेसे में घर चलाना असंभव हो रहा। जयपुर व अहमदाबाद में दिखाने के साथ ही सभी प्रकार की जांचों व डायलिसिस पर पिता ने जैसे-तैसे करके अब तक करीब सात लाख रुपए लगा दिए, फिर भी आराम नहीं मिला। सप्ताह में चार बार डायलिसिस कराना भी आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण संभव नही हो पा रहा है। जैसे-तैसे करके सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराना मजबूरी बना हुआ है।

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पता नहीं था जिन्दगी में ऐसा भी दुख आएगा
रमाशंकर मुम्बई में ज्वैलरी शॉप पर सेल्समैन का कार्य करता था। और काफी खुश था। उसने यह कभी नहीं सोचा कि कुछ ही सालों में उसके घर बैठने की नौबत आ जाएगी। उसकी स्थिति वर्तमान में इतनी खराब है कि वह आराम के अलावा और कोई कार्य नही कर सकता है। चिकित्सकों ने उसे पूर्ण रूप से आराम की सलाह दी है। पिता का कहना है कि चिकित्सक ने उसे स्वस्थ करने के लिए जल्द से जल्द किडनी ट्रांसप्लान्ट की आवश्यकता बताई है।

एक साल से नि:शुल्क हो रही डायलिसिस

रमाशंकर ने साढे तीन साल तक पिता के सहयोग से अपनी डायलिसिस करवाई। सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराने के लिए प्रतिमाह करीब 18 हजार रुपए की जरूरत होती थी। जैसे तैसे करके तीन साल निकाले। अब एक साल से डायलिसिस निजी हॉस्पिटल में नि:शुल्क हो रही है लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि डायलिसिस से अब ज्यादा समय नहीं निकाला जा सकता है। जल्द से जल्द किडनी ट्रांसप्लान्ट की जरूरत है।

क्या होगा बच्चों का
चिकित्सक द्वारा जल्द किडनी ट्रांसप्लान्ट कराने की बात कहने के बाद से ही रमाशंकर काफी परेशान है। उसका कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने से किडनी ट्रांसप्लान्ट असंभव हो रहा है अगर मुझे कुछ हो गया तो मेरे छोटे-छोटे दो बच्चों का क्या होगा। रमाशंकर के 7 साल की लड़की व 12 साल का लड़का व है। आर्थिक स्थिति खराब होने से पत्नी भी ३ हजार रुपए की नौकरी करने को मजबूर है।