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रंगो की बारात दीये होगे दूल्हे

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Young man scorched by waste

Rango's procession will be given bridegrooms in bhilwara

भीलवाड़ा।


दीपावली आने के साथ ही रंग के बाजार पर भी कमाई का रंग चढऩे लगा है। वार्निश-डिस्टेम्पर विक्रेताओं के यहां ग्राहकों की भीड़ है। डिस्टेम्पर की क्वालिटी भी एक से बढ़कर एक है। इसके साथ ही अब रंग बड़े नहीं, बल्कि घरों के बच्चे पसंद कर रहे हैं। अब कमरे की चारों दीवारों को एक ही रंग के बजाय अलग-अलग शेड से सजाने का श्रसर चलन है। रंग की मिक्सिंग में भी कम्प्यूटर का इस्तेमाल हो रहा है। तापमान को नियंत्रित रखने वाले महंगे डिस्टेम्पर से लेकर पीवीसी, एक्रेलिक व ऑयल पेंट ने जगह बना ली है। कई लोग स्प्रे से पुताई करवा रहे हैं। बाजार में पेंट की दुकानों पर ग्राहकी बढऩे लगी है। इस बार बाजार में ईको पेंट्स आए हैं, जो घरों की दीवारों की सुरक्षा करेंगे ही, साथ ही व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए भी अनुकूल हैं। इधर, दिवाली सीजन के चलते पुताई करने वाले मजदूर-कलाकार मिलना मुश्किल हो गया है। मजदूरी भी आसमान छू रही है।

कीमतों पर असर नहीं
कलर-पेंट्स व्यापारियों की मानें तो इस साल रंगाई पुताई सामग्री की कीमतों में अधिक असर नही आया है। गत वर्ष 28 प्रतिशत जीएसटी लगने से कलर पेन्ट्स की दरों में लगभग बीस प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। सरकार ने कलर पेन्ट्स पर जीएसटी 28 से घटाकर 18 प्रतिशत करने से पेन्ट्स के भावों में भी गिरावट आई है। आधुनिकता के दौर में कलर डिजाईन कामगारों तथा सामान्य पेन्टरों की मजदूरी में भी लगभग चार सौ रुपए का अंतर है। कम्प्यूटर से बनते हैं शेड्स

कलर-पेन्ट्स व्यवसायी अनिल कुमार का कहना है कि बाजारों में कलर विक्रेताओ के पास मौजुद कम्प्यूटराईज्ड कलर मिक्सर मशीने कई रंगो से लगभग पांच हजार शेड्स तैयार करती है। मशीन स्वयं ही चाहे गए शेड के कोड से डिस्टेम्पर एवं इमलेशन में निर्धारित मात्रा में कलर मिक्स करती है। इसके कारण लोग कम्प्यूटराईज्ड शेड्स ही ज्यादा उपयोग करने में रूचि दिखाने लगे है।


दीवारों के साथ स्वास्थ्य का भी ख्याल
लोगों को ईकोफ्रेंडली, इमल्शन, इनेमल वॉटर बेस्ड कलर ज्यादा पसंद आ रहे हैं। लोग ईको फ्रेंडली व वॉटर बेस्ड कलर को लेकर ज्यादा जागरूक हैं। इन दोनों ही कलर्स में हानिकारक केमिकल्स नहीं होते हैं। इसके स्वास्थ्य से लेकर पर्यावरण तक के कई फायदे हैं। वहीं, इसकी कीमत भी आम पेंट्स के मुकाबले ज्यादा नहीं है।

टेक्सचर बनाता है आकर्षक
आजकल लोगों की पसंद काफी बदल चुकी है। अब लोग केवल चूने या डिस्टे पर के ही भरोसे नहीं रहते हैं। इसमें भी वे प्लास्टिक पेंट व टेक्सचर को पसंद कर रहे हैं। टेक्सचर घर को आकर्षक बना देते हैं। इसके अलावा ईकोफ्रेंडली पेंट्स और वेलवेट व शाइनी पेंट्स भी पसंद बनते जा रहे हैं।