
राजस्थान पत्रिका की ओर से मिलन टाकिज के सामने काम्पलेक्स में टॉक शो हुआ
भीलवाड़ा।
प्रदेश में सोमवार को पेश किया जाने वाला राज्य बजट इस भाजपा सरकार का इस कार्यकाल का अंतिम बजट होगा। इस साल विधानसभा चुनाव है। एेसे में बजट एक प्रकार से लोकलुभावन होने की उम्मीद है। बजट से वस्त्रनगरी के हर वर्ग को उम्मीदें हैं। आम जन के साथ ही व्यवसायी, प्रोफेशनल, डॉक्टर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट, उद्यमी अपने वर्ग के मुताबिक उम्मीद लगाए हुए हैं। भाजपा सरकार के वर्ष 2017 की जिले के लिए घोषित कुछ बजट घोषणा अभी तक अमली जामा नहीं पहना सकी है, चम्बल जल परियोजना को सरकार ने धरातल पर उतारा, लेकिन गैसपाइप लाइन अभी भी अटकी हुई है। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू होने का इंतजार है।
आमजन को उम्मीद है कि सरकार करों में छूट का दायरा बढ़ा कर महंगाई पर अंकुश लगाएगी, इससे घरेलू गैस, डीजल व पेट्रोल, खाद्य सामग्री, वस्त्र, रेडीमेड गारमेंट, मोबाइल, इलेक्ट्रोनिक उपकरणों की कीमतों में कमी आएगी। युवा वर्ग चाहता है कि रोजगार के अवसर बढ़े, तकनीकी शिक्षा व उच्च शिक्षा के शुल्कों में रियायत मिले और व्यावसायिक कोर्स पर सरकार का नियंत्रण रहे। किसान भी उर्वरकों, यंत्रों, खाद की कीमतों में कमी की आस लगाए है। इसी तरह की उम्मीद प्रत्येक वर्ग को है। बजट में जनता के विभिन्न वर्गों की क्या उम्मीदें हैं, इसे लेकर पत्रिका ने राय जानीं। पेश है एक रिपोर्ट
ये उम्मीदें, जिनकी राह में कई बाधाएं
-सरकार ने आसींद, रायपुर , मांडलगढ़, बिजौलिया, बनेड़ा में कॉलेज तो खोल दिया। अभी इनका फायदा पूरा नहीं मिल पाया है। एेसे में बजट में उम्मीद है वे यहां स्टाफ पूरा मिल जाए।
- भीलवाड़ा अतिसंवेदनशील होने से पुलिस में नफरी बढऩे की आवश्यकता है। इसमें एक एएसपी सहित शास्त्रीनगर में पुलिस थाना खुलना जरूरी है
-शहर में उप पंजीयन द्वितीय कार्यालय खुल चुका है। लेकिन इसमें नियुक्ति नहीं हुई है। इसमें स्टाफ व सब रजिस्ट्रार की जरुरत है।
-संविदा कर्मचारियों को स्थाई होने की उम्मीद, सरकारी स्कूलों में कार्यरत विद्यार्थी मित्रों को पहले सरकार ने हटा दिया। बाद में उन्हें अस्थाई तौर पर पंचायत सहायक लगाया। अब उन्हें स्थाई होने की उम्मीद है। अन्य संविदाकर्मी भी स्थाई करने की मांग कर रहे हैं। इसमें नरेगा कार्मिक, फार्मासिस्ट आदि शामिल है।
-प्रदेश के प्रमुख जलप्रपात मेनाल, बागोर साहिब गुरूद्वारा व बदनोर के महल का पर्यटन के दृ़ष्टि से विकास हो।
- हमीरगढ़ वन क्षेत्र अभयारण्य घोषित हो और इको पार्क पर्यटन हब बनें।
- कई नए सरकारी कार्यालय खुल गए, लेकिन अधिकांश को भवन व स्टाफ हीं नहीं मिले।
युवा बोले, मिले रोजगार के अवसर
राजस्थान पत्रिका की ओर से मिलन टाकिज के सामने काम्पलेक्स में टॉक शो हुआ। इसमें युवा शिवप्रकाश ओझा, धर्मराज जाट, सतीश शर्मा, दीपिका ओझा, चेतन पारीक, मोहम्मद रज्जाक, राजेन्द्र जोशी आदि ने कहा कि सरकार को युवाओं को रोजगार देने, व्यवसायिक कोर्स शुरू करने, किसानों को आगे बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने, खेल व कौशल विकास पर जोर देना चाहिए। उनका कहना था कि मेडिकल कॉलेज का पहला सत्र जुलाई में शुरू होना है, लेकिन राज्य सरकार की तरफ से एमसीआई को मनाने के प्रयास अभी पूरे नहीं हुए और ना ही फेकल्टी, इक्यूप्मेंट पूरे मिले, बजट में इसकी उम्मीद है। इसी प्रकार सरकार ने पूर्व बजट में महिला आईटीआई के लिए दो करोड़ रुपए की घोषणा की थी। लेकिन काम ही शुरू नहीं हुआ है। जहां भवन बनना है वहां व्यवसायिक गतिविधियां चल रही है।
Published on:
11 Feb 2018 09:37 pm
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