पेट्रोल-डीजल से घटाएं वैट, सस्ती करें बिजली

राज्य बजट आज, आमजन को राहत की बड़ी आस

By: Suresh Jain

Published: 24 Feb 2021, 09:43 AM IST

भीलवाड़ा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार सुबह 11 बजे विधानसभा में अपनी सरकार का दूसरा व कोरोना काल के बाद पहला बजट पेश करेंगे। इससे आमजन को कई बड़ी उम्मीदें हैं। मुख्य रूप से पेट्रोल व डीजल के लगातार बढ़ते दाम के चलते हर खाद्य वस्तु पर असर पड़ रहा है। ऐसे में लोगों की विशेष मांग है, पेट्रोल व डीजल की वैट दर कम हो या पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में रखने का प्रस्ताव रखा जाए।
मेवाड़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कई सुझाव दिए। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा राजस्थान में बढ़ती बिजली दरें है। इससे उद्योग ही नहीं, आमजन भी प्रभावित हो रही है। बिजली के कारण टेक्सटाइल उद्योग राजस्थान से पलायन को मजबूर होना पड़ रहा है।
चेम्बर महासचिव आरके जैन ने बताया, उद्योगों को भूजल उपयोग पर ग्राउंड वाटर निकासी एवं रेस्टोरेशन चार्जेज उद्योग श्रेणी अनुसार 6 रुपए से 17 रुपए प्रति केएलडी प्रतिदिन के अनुसार लिए जा रहे हैं। उद्योगों के लिए भूजल निकासी पर एम्पेक्ट एसेसमेन्ट एवं वाटर ऑडिट रिपोर्ट देना आवश्यक है। 1 जनवरी के बाद रिपोर्ट नहीं देने पर 80 रुपए प्रति केएलडी प्रतिदिन पेनल्टी लगाई है। केंद्रीय भूजल बोर्ड के अनुसार, राज्य सरकार अपने स्तर पर भूजल बोर्ड बनाकर राज्य की परिस्थियों के अनुसार नियम बना सकते हैं। जैसे उत्तरप्रदेश, पंजाब, हरियाणा ने राज्यस्तरीय भूजल बोर्ड बना अपने राज्य के उद्योगों को केन्द्रीय बोर्ड के दायरे से अलग कर लिया है। ऐसे में राज्य भूजल बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए।
राज्य में लागू हो एमनेस्टी स्कीम
राज्य के वर्ष 2019 के बजट में यह घोषित किया गया था कि वेट एवं एन्ट्री टेक्स आदि करों की पुराना बकायात को वसूल करने, ब्याज एवं पेनल्टी माफी के संबंध में एमनेस्टी स्कीम लाई जाएगी। सरकार ने अभी तक राज्य स्तरीय करों के लिए एमनेस्टी स्कीम घोषित नहीं की गई। ऐसी एमनेस्टी स्कीम लागू होने से उद्योगों को राहत मिलेगी।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा
महिला सशक्तिकरण के आधार से बजट में कई महिला उद्यमी को रीको से जमीन आवंटन में प्रमुखता, स्टार्टअप्स के लिए लोन, आइटी नवाचारों पर सहयोग समेत मनरेगा और आंगनबाड़ी में कार्यरत महिलाओं के लिए मानदेय से जुड़ी घोषणाएं होने की उम्मीद के साथ महिला स्वावलंबन पर दोर देने की उम्मीद है।
यह भी है प्रमुख मांग
-हमीरगढ हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में विस्तारित करने एवं नियमित वायुसेवा।
-भीलवाड़ा को पश्चिम-उत्तर डेडीकेटेड फे्रट कॉरिडोर में अलग से फे्र ट रेललाइन डालकर किशनगढ़ टर्मिनल से जोडऩा। -भीलवाड़ा में डेडीकेटेड फ्र ेट टर्मिनल बनाने।
-भीलवाड़ा में रेडीमेड गारमेन्ट कलस्टर बनाना। केंद्रीय बजट में घोषित मेगा टेक्सटाइल पार्क में से 2 पार्क भीलवाड़ा को दिलाने के लिए राज्य स्तर से प्रयास की मांग।
-21 जनवरी 2020 से उद्योगों पर 50 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से लगाए फायरसेस को हटाने की मांग।

Suresh Jain Reporting
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